17 अप्रैल से शुरू होगी स्व-गणना, मोबाइल ऐप के जरिए खुद दे सकेंगे अपनी जानकारी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 23 Feb 2026 6:45 PM
सांकेतिक फोटो
Census 2027: बिहार में 15 साल के लंबे इंतजार के बाद जनगणना की ऑफिसियल शुरुआत हो गई है. 23 फरवरी को पटना में आयोजित एक सम्मेलन में यह घोषणा की गई कि अगली जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी. 17 अप्रैल से स्व-गणना और 2 मई से घर-घर जाकर सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा.
Census 2027: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जनगणना 2027 को सफलता बनाने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पटना में आयोजित एक स्पेशल ट्रेनिंग सेशन में राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह कार्य पूरी टीम भावना और सटीकता के साथ किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनगणना के आंकड़ों का सही होना बेहद जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि इसी पर भविष्य की नीतियां निर्भर करती हैं.
पहली बार डिजिटल अवतार में जनगणना
इस बार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि देश और राज्य की यह पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी. पूरी प्रक्रिया को मोबाइल ऐप और सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CMMS) के जरिए संचालित किया जाएगा. इससे न केवल डेटा इकट्ठा करने की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि यह पहले से अधिक पारदर्शी होगी.
क्या है पूरा शेड्यूल?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने बताया कि जनगणना की अधिसूचना जारी हो चुकी है. कार्यक्रम दो चरणों में होगा. 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक नागरिक मोबाइल ऐप के जरिए खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे. 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर फिजिकल सर्वे करेंगे. इस सर्वे के दौरान मकान, परिवार की बुनियादी सुविधाओं और घरेलू इलेक्ट्रिक सामान से जुड़े 33 प्रकार सवाल पूछे जाएंगे.
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अधिकारियों को दिलाया गया संकल्प
सम्मेलन में सभी कमिश्नर, डीएम और सिटी कमिश्नर को इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को समय पर पूरा करने का संकल्प दिलाया गया. इस दौरान फील्ड में आने वाली चुनौतियों, अंतर-एजेंसी कोर्डिनेशन और जन-जागरूकता जैसे विषयों पर भी बात हुई.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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