सुल्तानगंज का नाम बदलने की तैयारी तेज, अब अजगैबीनाथ धाम के नाम से जाना जाएगा शहर
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 23 Feb 2026 2:38 PM
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
Bihar Government: बिहार के सुल्तानगंज को जल्द ही नई पहचान मिलने वाली है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने शहर के नाम को बदलकर अजगैबीनाथ धाम करने और अगुवानी पुल से मंदिर तक नया एप्रोच रोड बनाने का भरोसा दिया है. इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी.
Bihar Government: भागलपुर के सुल्तानगंज के रहने वालों और बाबा भोलेनाथ के भक्तों के लिए एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है. नगर सभापति राजकुमार गुड्डू ने बताया है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शहरवासियों को भरोसा दिया है कि निर्माणाधीन अगुवानी-अजगैबीनाथ धाम गंगा पुल से एक खास शहरी एप्रोच रोड बनाया जाएगा. इसका काम बहुत जल्द शुरू होने वाला है.
सफर होगा आसान
सभापति ने कहा कि यह एप्रोच रोड शहर के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी. अक्सर श्रद्धालुओं को मुख्य पुल से मंदिर तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस नए रास्ते के बनने से आवागमन काफी आसान हो जाएगा. इसके अलावा, सुल्तानगंज शहर का नाम बदलकर अब अजगैबीनाथ धाम रखने की तैयारी अंतिम चरण में है.
नगर सभापति ने बताया कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार, दोनों ही इस नाम बदलने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में जुटी हैं. नगर परिषद ने 19 जून 2024 को ही अपनी बैठक में शहर और रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव पास कर सरकार को भेज दिया था. अब बहुत जल्द सुल्तानगंज स्टेशन की तख्तियों पर अजगैबीनाथ धाम लिखा नजर आएगा.
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श्रावणी मेला होगा और भी खास
इस बार सावन के महीने में होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर भी सरकार गंभीर है. डिप्टी सीएम ने आश्वासन दिया है कि इस साल मेले का आयोजन पहले से कहीं ज्यादा व्यवस्थित और भव्य तरीके से किया जाएगा. लाखों श्रद्धालु यहां की उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर देवघर जाते हैं. इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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