ePaper

Ayushman Card: बिहार में अब घर-घर जाकर प्राइवेट एजेंसियां बनायेंगी आयुष्मान कार्ड, जानिये आखिर क्यों पड़ी जरूरत

Updated at : 03 Jan 2026 8:30 AM (IST)
विज्ञापन
private agencies go door-to-door to make Ayushman Card

बिहार में अब प्राइवेट एजेंसियां बनायेगी आयुष्मान कार्ड

Ayushman Card: बिहार में आयुष्मान योजना के सभी लाभार्थियों को जोड़ने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है. ऐसे में अब प्राइवेट एजेंसियां घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनायेगी. इसके लिये टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. इससे लाभार्थियों को बड़ा फायदा पहुंच सकता है.

विज्ञापन

Ayushman Card: बिहार में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में अब तेजी आने वाली है. राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के सभी लाभार्थियों को जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने की नयी पहल की है. जो भी लाभार्थी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाये हैं, उनका आयुष्मान कार्ड बनाने का काम प्राइवेट एजेंसियों के जरिये कराया जायेगा. इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है.

कार्ड बनाने के लिये राज्य को 3 भागों में बांटा

जानकारी के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए राज्य को तीन भागों उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार और मध्य बिहार में बांटा गया है. यह काम सरकार की तरफ से चयनित तीन निजी एजेंसियों के हवाले होगा. चयनित एजेंसियों के कर्मी सीधे लोगों के घर-घर जाकर ऐसे पात्र लाभार्थियों की पहचान करेंगे. इस दौरान पहचान के बाद मौके पर ही जरूरी प्रक्रिया पूरी की जायेगी. जिनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, उनको कार्ड बनाकर सौंपेंगे.

लाभार्थियों को होगी बड़ी सुविधा

फिलहाल लाभुकों को आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए जरूरी कागजात के साथ ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है. ऐसे में अब घर-घर सेवा पहुंचने से लाभार्थियों को कार्ड बनवाने में काफी आसानी होगी.

क्यों पड़ी इस पहल की जरूरत?

जानकारी के मुताबिक, बिहार में आयुष्मान योजना के तहत 1.69 करोड़ परिवार और लाभार्थियों की संख्या 8.45 करोड़ है. अभी तक इसके लाभार्थियों की तरफ से और राज्य सरकार अभियानों के बाद भी सिर्फ 4.12 करोड़ कार्ड ही बनाये गये हैं. ऐसे में कार्ड बनवाने वालों की संख्या 50 प्रतिशत पर ही आकर थम गयी है. यह संख्या आगे नहीं बढ़ रही है. ऐसे में सरकार हर उस लाभार्थी की तलाश के लिए प्राइवेट एजेंसी का सहारा लेने जा रही है.

आयुष्मान कार्ड से क्या होता है फायदा?

सरकार इस योजना का लाभ दिलाने के लिए राज्य के 725 निजी नर्सिंग होम या अस्पतालों के साथ 433 सरकारी अस्पतालों की लिस्ट बना चुकी है. इनमें मरीजों का कैशलेस इलाज होता है. लाभुक को हर साल पांच लाख तक की मुफ्त इलाज की सुविधा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनिमय-2013 के डेटाबेस के आधार पर मिल रही है. सीएम जन आरोग्य योजना राज्य सरकार और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना केंद्र सरकार की है.

Also Read: बिहार के इस जिले में 5 जनवरी तक स्कूल बंद, DM ने जारी किया आदेश

विज्ञापन
Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन