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पटना में फोरलेन निर्माण के बीच आई जमीन की बाधा, DM को सौंपी जाएगी मालिकाना हक की रिपोर्ट

Updated at : 25 Feb 2026 9:23 PM (IST)
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Amas Darbhanga Fourlane

सांकेतिक फोटो

Amas Darbhanga Fourlane: आमस-दरभंगा फोरलेन के तहत रामनगर-कच्ची दरगाह मार्ग में 30 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. फतुहा और दीदारगंज में रैयत अपना दावा कर रहे हैं, जबकि प्रशासन इसे सरकारी जमीन बता रहा है. जांच रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि मुआवजा मिलेगा या जमीन सीधे ट्रांसफर होगी.

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Amas Darbhanga Fourlane: भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत आमस-दरभंगा फोरलेन निर्माण में पटना जिले में रामनगर से कच्ची दरगाह के बीच जमीन अधिग्रहण का काम हो रहा हैं. फतुहा और दीदारगंज अंचल में प्रोजेक्ट के रूट में जमीन अधिग्रहण में लगभग 30 एकड़ जमीन को लेकर रैयती या सरकारी जमीन होने की जांच होनी है. रैयत उस जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं. जिला प्रशासन की ओर से उस जमीन को सरकारी जमीन होने की बात कही जा रही है.

पटना सिटी के डीसीएलआर करेंगे

जमीन में फंसे पेच की जांच पटना सिटी के डीसीएलआर करेंगे. जांच के बाद डीएम को रिपोर्ट सौंपी जायेगी. मिली जानकारी के अनुसार रैयतों से उस जमीन के कागजात मांगे जाने पर कागजात नहीं जमा किया जा रहा है. वहीं जिला प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन का दावा किये जाने को लेकर कागजातों को खंगाला जा रहा है.

जमीन अधिग्रहण में हो रही बाधा

सूत्र ने बताया कि फतुहा और दीदारगंज अंचल में जिला प्रशासन की ओर से जमीन का सीमांकन होने के बावजूद जमीन अधिग्रहण में बाधा हो रही है. जानकारों के अनुसार फतुहा अंचल में लगभग 25 एकड़ जमीन बकास्त या गैर मालिक हैं. वहीं दीदारगंज अंचल में पांच एकड़ जमीन बकास्त है.

संबंधित जमीन को लेकर दावेदार रैयतों को नोटिस किया गया है. रैयतों की ओर से दिये गये कागजात के आधार पर उसकी जांच की जा रही है. इस जमीन के रैयती या सरकारी होने से संबंधित रिपोर्ट पटना सिटी डीसीएलआर को देनी है. इसके बाद ही अंतिम रूप से निर्णय लिया जायेगा. रैयती जमीन होने पर रैयतों को मुआवजा भुगतान होगा. सरकारी जमीन होने पर केवल स्थानांतरित किया जायेगा.

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मुआवजा भुगतान में हो रही देरी

रामनगर-कच्ची दरगाह एनएच-119 डी सड़क निर्माण में रैयतों को मुआवजा भुगतान में देरी हो रही है. फोरलेन निर्माण के लिए 187 एकड़ जमीन की जरूरत है. इसके लिए रैयतों को लगभग 207 करोड़ मुआवजा भुगतान होना है. जानकारी के अनुसार मुआवजा के लिए 55 रैयतों को मात्र 10.67 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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