संवाददाता,पटना बिहार सरकार राज्य में नर्सिंग सेवाओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना पर काम कर रही है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के मौके पर पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को नर्सिंग के क्षेत्र में “ब्रांड बिहार” के रूप में स्थापित किया जाये. इस अवसर पर राज्यभर से चयनित 114 नर्सों को बिहार स्टेट फ्लोरेंस नाइटिंगेल नर्स अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नर्सिंग शिक्षा और सेवा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जायेगा. इसके लिए मिशन उन्नयन के तहत सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि नर्सिंग संस्थानों के ढांचे, प्रशिक्षण व्यवस्था और नियुक्ति प्रक्रियाओं में गुणवत्ता लाने का प्रयास किया जा रहा है. मंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों में नियुक्तियां तेजी से की जा रही हैं. उनके पिछली सरकार के कार्यकाल में करीब 19,000 एएनएम और जीएनएम की बहालियां की गयी थीं. इसके अतिरिक्त हाल ही में ग्रेड ए नर्स (जीएनएम) के 11,389 पदों पर बहाली के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन प्रकाशित किया गया है. साथ ही 10,700 नर्सों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जो फिलहाल तकनीकी कारणों से लंबित है और इसे जल्द पूरी की जायेगी. इस वर्ष नर्स दिवस की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य” रही. मंत्री ने कहा कि नर्सें न केवल मरीजों की देखभाल करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य प्रणाली का एक मजबूत आर्थिक और सामाजिक आधार बन चुकी हैं. कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के सचिव मनोज कुमार, राज्य स्वास्थ्य समिति के निदेशक सुहर्ष भगत, राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा समिति के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शशांक शेखर सिन्हा, एड्स नियंत्रण सोसायटी की परियोजना निदेशक प्रतिभा रानी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे.
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