PM Modi Gift: बिहार से अफ्रीका तक दौड़ेगा ‘मेड इन इंडिया’ रेल इंजन, सीवान से पीएम मोदी ने दिखाई पहली खेप को हरी झंडी

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PM Modi Gift: बिहार के सीवान से देश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मढ़ौरा स्थित वेबटेक लोकोमोटिव फैक्ट्री में बने डीजल इंजनों की पहली खेप को अफ्रीकी देश गिनी के लिए रवाना किया. यह पहली बार है जब भारत के किसी राज्य से लोकोमोटिव इंजन का सीधा निर्यात किया गया है.
PM Modi Gift: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार के सीवान दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने एक ऐतिहासिक कदम के तहत मढ़ौरा में निर्मित रेल इंजनों की पहली खेप को अफ्रीकी देश गिनी के लिए रवाना किया. यह क्षण केवल बिहार ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी गौरव का विषय बन गया, क्योंकि पहली बार देश के किसी राज्य से विदेशी बाजार के लिए लोकोमोटिव इंजन का निर्यात हो रहा है.
अब तक 729 हाई-हॉर्सपावर डीजल इंजन बनाए जा चुके हैं
वेबटेक डीजल लोकोमोटिव फैक्ट्री, जो भारतीय रेलवे और अमेरिकी कंपनी वेबटेक इंक का संयुक्त उपक्रम है, ने कुछ ही वर्षों में खुद को विश्वस्तरीय निर्माण इकाई के रूप में स्थापित कर लिया है. 2018 में शुरू हुई इस फैक्ट्री में अब तक 729 हाई-हॉर्सपावर डीजल इंजन बनाए जा चुके हैं. इनमें 4500 एचपी के 545 इंजन और 6000 एचपी के 184 इंजन शामिल हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा, “यह सिर्फ ‘मेक इन इंडिया’ नहीं, अब ‘मेक इन बिहार- मेक फॉर द वर्ल्ड’ की सशक्त शुरुआत है. यह संयंत्र न केवल देश की तकनीकी ताकत को दर्शाता है, बल्कि बिहार को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब की दिशा में भी अग्रसर कर रहा है.”
गिनी देश के तीन मंत्री कर चुके हैं दौरा
गौरतलब है कि 26 मई को गिनी देश के तीन मंत्री इस संयंत्र का दौरा कर चुके हैं. इसके बाद तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से 140 लोकोमोटिव इंजनों की आपूर्ति को लेकर एक बड़ा करार हुआ, जिसे ‘कोमो डील’ नाम दिया गया है.
भारत का सपना दुनिया की पटरियों पर दौड़ने को तैयार
226 एकड़ में फैली इस फैक्ट्री से अब भारत का सपना दुनिया की पटरियों पर दौड़ने को तैयार है. यह इकाई सिर्फ इंजनों का निर्माण नहीं करती, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और देशभर की सप्लाई चेन को मजबूती देती है. इसके 40-50% पुर्जे महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली और जमशेदपुर से आते हैं, जबकि कुछ विशेष तकनीकी पार्ट अमेरिका से मंगाए जाते हैं.
अब, निर्यात के बढ़ते ऑर्डर और ग्लोबल स्टैंडर्ड गेज इंजनों की मांग को देखते हुए संयंत्र का विस्तार तेज़ी से किया जा रहा है. बिहार अब सिर्फ उपभोग नहीं, उत्पादन और निर्यात के नक्शे पर मजबूती से खड़ा हो गया है.
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By Abhinandan Pandey
भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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