पटना: बारिश के साथ बढ़े सर्पदंश के मामले, एक माह में 29 मरीज अस्पताल पहुंचे, तीन की मौत

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मानसून की झमाझम बारिश के साथ बिहार में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि हुई है, खासकर ग्रामीण इलाकों में. पिछले एक महीने में 29 से अधिक लोग सांप के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे, जिनमें से तीन की दुर्भाग्यवश मौत हो गई. स्वास्थ्य विभाग ने एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है, फिर भी लोगों को समय पर इलाज के लिए अस्पताल पहुँचने की सलाह दी गई है.

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Patna Snakebite Cases: मानसून की झमाझम बारिश के साथ पटना सहित पूरे बिहार में सर्पदंश के मामले बढ़ने लगे हैं. खासकर ग्रामीण इलाकों में जंगल-झाड़ियों के आसपास रहने वाले लोग सांप के काटने की चपेट में आ रहे हैं. बीते एक महीने में 29 से अधिक लोग सर्पदंश के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे हैं. इनमें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण तीन मरीजों की मौत हो चुकी है. इन मरीजों का इलाज पीएमसीएच, आईजीआईएमएस, एनएमसीएच और न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में किया गया.

अस्पतालों में पहुंचे मरीजों में सबसे अधिक 16 पीएमसीएच, पांच आईजीआईएमएस, चार एनएमसीएच और चार न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल पहुंचे. इधर, स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश के बढ़ते मामलों को देखते हुए पर्याप्त तैयारी का दावा किया है.

अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में कुल 1578 वायल एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं. इनमें पीएमसीएच में 550, सदर अस्पताल में 280, न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में 107, राजेंद्र नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 60, गर्दनीबाग में 25 और फुलवारीशरीफ स्वास्थ्य केंद्र में 30 वायल उपलब्ध हैं.

इसके अलावा सभी पीएचसी और अनुमंडलीय अस्पतालों में भी 25 से 30 वायल उपलब्ध कराये गये हैं. सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि सभी पीएचसी और अनुमंडलीय अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध करा दिया गया है. जिन छोटे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में किसी कारण से दवा उपलब्ध नहीं है, वहां की सूची मंगायी गयी है. आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा उपलब्ध करायी जा रही है. फिलहाल 1800 अतिरिक्त वायल की मांग भेजी गयी है.

झाड़फूंक के चक्कर में बिगड़ रही मरीजों की हालत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सर्पदंश के बाद समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने से मरीजों की स्थिति गंभीर हो सकती है. कई लोग झाड़फूंक या पारंपरिक उपचार के चक्कर में अस्पताल पहुंचने में देर कर देते हैं. इससे इलाज में देरी होती है और मरीज की हालत बिगड़ सकती है.

न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि बारिश के साथ सर्पदंश के मामले बढ़ने लगे हैं. इसे देखते हुए अस्पताल में अलर्ट भी जारी किया गया है. अस्पताल में पर्याप्त संख्या में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को सांप डसने पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए. चिकित्सकीय जांच के बाद जरूरत के अनुसार एंटी स्नेक वेनम दिया जाता है.

सांप के डसने पर क्या न करें

  • पीड़ित को घबराने न दें और अनावश्यक रूप से अधिक दबाव न डालें.
  • सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें.
  • घाव को कसकर बांधकर रक्त संचार रोकने का प्रयास न करें.
  • पारंपरिक तरीकों से उपचार करने की कोशिश न करें.
  • झाड़फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें और तत्काल अस्पताल पहुंचें.

स्वास्थ्य विभाग ने की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दावा किया है. विभाग के अनुसार, जरूरत के अनुसार छोटे स्वास्थ्य केंद्रों को भी दवा उपलब्ध करायी जा रही है. बारिश के मौसम में सर्पदंश के मामलों को देखते हुए लोगों से समय पर चिकित्सकीय उपचार लेने की अपील की गयी है.


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आनंद तिवारी

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By आनंद तिवारी

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