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Patna News: दिसंबर में आएगी सिंगापुर से मशीन, दुनिया का पहला 'म्यूजियम कनेक्ट टनल' बनेगा आकर्षण

Updated at : 12 Sep 2025 2:03 PM (IST)
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सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

Patna News: पटना और बिहार म्यूजियम को जोड़ने के लिए बनने वाला टनल न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से अनोखा होगा, बल्कि यह पूरी दुनिया में पहला ऐसा सुरंग होगा, जो दो बड़े म्यूजियम को आपस में जोड़ेगा.

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Patna News: राजधानी पटना एक नए ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का गवाह बनने जा रहा है. दिसंबर में सिंगापुर से टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) आने के साथ ही बिहार म्यूजियम और पटना म्यूजियम को जोड़ने वाली सुरंग का काम शुरू हो जाएगा.

यह परियोजना लंबे इंतजार के बाद अब गति पकड़ रही है. पहले चीन से मशीन लाने की योजना थी, लेकिन कूटनीतिक रिश्तों में खटास आने के बाद अनुबंध रद्द हो गया. इसके बाद सिंगापुर से नई मशीन मंगाने में करीब सात-आठ महीने का समय लग गया.अब संभावना है कि वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और 2027 तक यह टनल आम जनता के लिए खोल दी जाएगी.

मेट्रो से भी बड़ी गोलाई वाला टनल

इस टनल को खास बनाने वाली बात इसकी गोलाई है. मेट्रो टनल का व्यास 6.6 मीटर होता है, जबकि म्यूजियम टनल का व्यास 8 मीटर होगा. यानी यह मेट्रो से भी अधिक चौड़ा और भव्य होगा. यही कारण है कि इसके लिए अलग टनल बोरिंग मशीन की जरूरत पड़ी. यह मशीन सामान्य मेट्रो निर्माण वाली टीबीएम से 1.7 मीटर ज्यादा चौड़ा सुरंग खोदने में सक्षम है.

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, टनल के प्रवेश और निकास द्वार पहले ही बना दिए गए हैं. ये दोनों करीब 20 मीटर गहरे हैं. यहां लिफ्ट और सीढ़ियों की व्यवस्था होगी. सतह से सुरंग का ऊपरी हिस्सा 12 मीटर और निचला हिस्सा 20 मीटर की गहराई में रहेगा. दिसंबर में मशीन आने के बाद यहीं से खुदाई का काम शुरू होगा.

एयर कंडीशंड टनल, रोशनी और कलाकृतियों से सजेगा रास्ता

टनल को सिर्फ एक संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभव की तरह विकसित किया जा रहा है. यह पूरी तरह एयर कंडीशंड होगा और दीवारों को कलाकृतियों और पुरावशेषों से सजाया जाएगा. आकर्षक लाइटिंग से इसका वातावरण संग्रहालय जैसा ही लगेगा. अधिकारियों का दावा है कि यह न केवल देश का सबसे बड़ा गोलाई वाला टनल होगा बल्कि दुनिया का पहला ‘म्यूजियम कनेक्ट टनल’ भी होगा.

सुरंग की कुल लंबाई 1.5 किलोमीटर होगी. टीबीएम को इसे खोदने में लगभग नौ महीने का समय लगेगा. इसके बाद छह से सात महीने फिनिशिंग और इंटीरियर वर्क में लगेंगे. यानी दिसंबर 2025 में काम शुरू होने पर अप्रैल-मई 2027 तक इसका उद्घाटन संभव है.

सुरक्षा के लिए तीन फायर एग्जिट

टनल की सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही मजबूत होगी. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तीन फायर एग्जिट बनाए जा रहे हैं. ये ए, बी और सी नाम से बेली रोड पर अलग-अलग स्थानों पर होंगे. पहला एग्जिट ऑफिसर होस्टल के पास पेट्रोल पंप के पास.

दूसरा एग्जिट हाइकोर्ट मोड़ पर पटना वीमेंस कॉलेज की चारदीवारी के पास. तीसरा एग्जिट हाइकोर्ट गेट के सामने वीमेंस कॉलेज के प्रवेश द्वार के पास.

इन एग्जिट से सीढ़ियों के जरिए तुरंत बाहर निकला जा सकेगा. टनल के भीतर किसी आगजनी या स्वास्थ्य आपात स्थिति में इनका इस्तेमाल किया जाएगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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