Patna News: अपने दम बिजनेस में ‘रंग’ भर रहीं महिला उद्यमी, गीत- पकवान और परिधान के कारोबार में जुटी
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 02 Mar 2025 4:25 AM
देबलीना चौधरी, महिला उद्यमी
Patna News: गांधी मैदान और ज्ञान भवन में होली के मेले का आयोजन किया गया है, जहां कई महिला उद्यमी अपनी कला और उत्पादों को लेकर पहुंची हैं. आइए, जानते हैं कि शहर की महिला उद्यमी इस बार होली को और खास बनाने के लिए किस तरह से तैयारी कर रही हैं.
Patna News: होली का त्योहार नजदीक है, और इसकी तैयारियां शहर में जोर-शोर से चल रही हैं. बसंत के आगमन के साथ-साथ, यह रंगों और उमंगों से भरा त्योहार हर जगह छा जाता है. रंगों के इस त्योहार के मौके पर महिला उद्यमियों में काफी उत्साह है, क्योंकि वे न केवल पारंपरिक होली की तैयारी में भाग लेती हैं, बल्कि इसे एक नयी दिशा देने के लिए उद्यमिता का सहारा भी ले रही हैं.
शहर की बिजनेस वुमन त्योहारों के माध्यम से अपनी कला, संस्कृति व परंपराओं को रख रही जीवित

35 वर्षों से संरक्षित कर रही हैं पारंपरिक होली गीत – सरिता झा, अध्यक्ष, मैथिली महिला संघ
होली का त्योहार सिर्फ रंगों से ही नहीं, बल्कि उसके गीतों से भी जुड़ा है. मैथिली महिला संघ की अध्यक्ष, सरिता झा पिछले 35 वर्षों से मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को संजोने का कार्य कर रही हैं. उनका कहना है कि, होली पर मंडली का आयोजन न हो तो यह त्योहार अधूरा सा लगता है. साल 2006 में उन्होंने महिलाओं के लिए होली मिलन का आयोजन शुरू किया, जो अब एक परंपरा बन चुकी है. यहां महिलाएं ढोल और मंजिरा के साथ पारंपरिक गीत गाती हैं और मिथिला के लोक गीतों को पुनः जीवित करती हैं.

कपड़ों का ऑर्डर एक महीने पहले से ही मिलने लगता है- रुचि चौधरी, महिला उद्यमी
होली के लिए कपड़े स्टिच करने वाली महिला उद्यमी रुचि चौधरी जीडी मिश्रा पथ पर स्थित ‘अप स्टीच’ की फाउंडर हैं. वह पिछले 12 वर्षों से इस कार्य में सक्रिय हैं और होली के लिए कपड़ों का ऑर्डर एक महीने पहले ही प्राप्त कर लेती हैं. उनका कहना है, होली के दौरान सफेद कपड़ों की अधिक मांग रहती है, और इसके साथ ही बच्चों के लिए रंग-बिरंगे शॉर्ट्स, क्रॉप टॉप, साड़ी, शर्ट, और फैमिली सेट के ऑर्डर भी आते हैं. इन कपड़ों की कीमत 200 से लेकर 8,000 रुपये तक होती है. वे महिला उद्योग संघ से जुड़ी हुई हैं और होली मेले में उनके स्टॉल से भी काफी ऑर्डर आते हैं.

पकवानों के ऑर्डर भी होली के उत्साह को बढ़ाते हैं – तुहिना चारी, महिला उद्यमी
होली के पारंपरिक पकवानों का महत्व बहुत अधिक है, और इस बार जक्कनपुर की रहने वाली तुहिना चारी ने अपने खाना बनाने के शौक को बिजनेस में बदल लिया है, जिसे नाम दिया है ‘पकवान’. तुहिना होली के लिए खास स्नैक्स और मिठाइयां ऑर्डर पर तैयार करती हैं. उनके व्यंजन, जैसे कि मालपुआ, खोया गुजिया, कांजी वड़ा, दही वड़ा, और अन्य स्वादिष्ट पकवान, हर होली मिलन पार्टी में खास आकर्षण का केंद्र बनते हैं. तुहिना बताती हैं, मैं हर होली मिलन पार्टी में अपने हाथ के बने पकवान खिलाती हूं और अब मुझे 15 दिन पहले ही ऑर्डर मिल जाते हैं.

कॉर्नफ्लावर सूखे फूलों से तैयार करती हैं हर्बल कलर – देबलीना चौधरी, महिला उद्यमी
देबलीना चौधरी, मछुआ टोली की निवासी हैं. वे पिछले तीन वर्षों से हर्बल रंगों का बिजनेस कर रही हैं. उनकी ‘द बॉन्ग’ नाम की कंपनी है, जिसकी फाउंडर वे खुद हैं. वह कॉर्नफ्लावर, सूखे फूलों और पालक जैसे प्राकृतिक पदार्थों का उपयोग करके रंग तैयार करती हैं. देबलीना बताती हैं, ‘हमारे रंग की मांग पूरे देश में है और होली से पहले हम कॉर्पोरेट ऑर्डर प्राप्त कर लेते हैं’. उनकी टीम में 12 महिलाएं शामिल हैं, जो हर्बल रंग बनाने का कार्य करती हैं. इन रंगों की कीमत 250 रुपये से लेकर 1,000 रुपये तक होती है, और इसकी सेल्फ लाइफ दो साल तक होती है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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