Patna News: पहली बार शराब पीने के एक लाख से अधिक आरोपितों पर अब भी चल रहा मुकदमा, खत्म करायेगी सरकार

Updated at : 17 Jan 2025 9:35 PM (IST)
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bihar alcohol ban

सांकेतिक तस्वीर

Patna News: राज्य सरकार ने गृह और मद्य निषेध विभाग को शराबबंदी से जुड़े लंबित कांडों के निष्पादन का टास्क सौंपा है. बिहार पुलिस की मद्य निषेध इकाई की टीम प्रमंडल वार इन कांडों की समीक्षा कर रही है.

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Patna News: राज्य सरकार ने अप्रैल 2022 से शराबबंदी कानून में संशोधन कर पहली बार शराब पीने के आरोपितों को धारा 37 के तहत जुर्माना लेकर छोड़ने का कानून बनाया है. लेकिन, 2016 में शराबबंदी लागू होने के बाद से लेकर मार्च 2022 तक पुलिस व उत्पाद थानों में दर्ज हुए ऐसे करीब एक लाख से अधिक मामले अब भी न्यायालय के स्तर पर लंबित हैं. मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग अब इन मामलों के निष्पादन में जुट गया है. राज्य के सभी मद्यनिषेध अधीक्षकों और थाना पुलिस को ऐसे आरोपितों का पता लगाकर समन जारी करने का निर्देश दिया गया है. इसके बाद विशेष उत्पाद न्यायालयों में पेश कर इनके केस का निष्पादन किया जायेगा.

लंबित केसों के निष्पादन को प्रमंडलवार हो रही समीक्षा

दरअसल राज्य सरकार ने गृह और मद्य निषेध विभाग को शराबबंदी से जुड़े लंबित कांडों के निष्पादन का टास्क सौंपा है. अधिकारियों के मुताबिक राज्य में मद्यनिषेध अधिनियम के अंतर्गत लगभग 5.50 लाख कांड लंबित हैं. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के साथ बिहार पुलिस की मद्य निषेध इकाई की टीम प्रमंडल वार इन कांडों की समीक्षा कर रही है. समीक्षा में पाया गया कि वर्ष 2022 में जुर्माने का प्रावधान लागू होने के बाद धारा 37 के तहत दर्ज नये कांडों का निष्पादन तो तेजी से हो रहा है, मगर पुराने कांड अभी भी जस के तस लंबित पड़े हैं. इनमें एक लाख से अधिक ऐसे कांड हैं, जिनमें पहली बार शराब पीते हुए आरोपितों को पकड़ा गया था. इसमें कई आरोपितों ने जेल की सजा भी काटी और फिर जमानत लेकर जेल से बाहर आ गये. शराब पीते हुए पकड़े गये इन आरोपितों को तलाश कर नये प्रावधान के तहत इनके केस निष्पादन का टास्क दिया गया है. लगभग हर जिले में औसत ऐसे दो से तीन हजार आरोपित हैं.

पहले शराब पीते पकड़े जाने पर पांच साल की सजा का था प्रावधान

बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद समय-समय पर कई संशोधन हुए हैं. पहले शराब पीते हुए पकड़े जाने पर पांच साल तक की सजा थी, जिसे घटाकर बाद में तीन साल कर दिया गया था. मगर अप्रैल, 2022 में शराबबंदी कानून में बड़ा बदलाव किया गया. इसके तहत पहली बार शराब पीते हुए पकड़े जाने पर दो से पांच हजार रुपये जुर्माना देकर छोड़े जाने का प्रावधान लागू कर दिया गया. वहीं दूसरी बार शराब पीते हुए पकड़े जाने पर एक साल की सजा का प्रावधान किया गया है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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