ATM फ्रॉड मामले में बैंक को देना होगा 5 लाख मुआवजा, कंज्यूमर कोर्ट का बड़ा फैसला

Updated at : 14 Mar 2026 4:49 PM (IST)
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ATM Fraud

सांकेतिक तस्वीर (फोटो क्रेडिट Canva)

ATM Fraud: कंज्यूमर कोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया को 65 साल की महिला को ₹5 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। महिला के खाते से ATM के जरिए करीब ₹12 लाख बिना अनुमति के निकाल लिए गए थे.

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ATM Fraud: महाराष्ट्र के कंज्यूमर आयोग ने एक अहम फैसले में बैंक की जिम्मेदारी को लेकर बड़ा संदेश दिया है. आयोग ने बैंक ऑफ इंडिया को एक 65 साल की महिला को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. महिला के खाते से करीब 12 लाख रुपये से ज्यादा की रकम ATM के जरिए बिना अनुमति के निकाल ली गई थी.

क्या है पूरा मामला

यह मामला एक 65 साल की महिला से जुड़ा है, जिन्होंने साल 2010 में बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाया था. उन्होंने अपने घर की बिक्री से मिले पैसे इस खाते में जमा किए थे. बाद में महिला ने शिकायत की कि उनके खाते से करीब 12.47 लाख रुपये ATM ट्रांजैक्शन और खरीदारी के जरिए निकाल लिए गए. इन पैसों से ज्वेलरी, वाइन और टीवी जैसी चीजें खरीदी गई थीं. महिला का कहना था कि उन्होंने ये ट्रांजैक्शन नहीं किए.

बैंक ने क्या दलील दी

बैंक का कहना था कि यह काम किसी तीसरे व्यक्ति (फ्रॉड करने वाले) ने किया होगा. बैंक ने दावा किया कि उसने ग्राहक को डेबिट कार्ड और PIN वाला वेलकम किट दिया था और ग्राहक ने इसे लेने की पुष्टि भी की थी. लेकिन जांच के दौरान एक अहम बात सामने आई. बैंक के दस्तावेज में लिखा था कि महिला ने बैंक अधिकारियों के सामने डेबिट कार्ड के सिग्नेचर बैंड पर साइन किए थे. महिला ने कहा कि उन्होंने कभी उस पर साइन नहीं किया.

आयोग ने क्या कहा

कंज्यूमर आयोग ने कहा कि सिग्नेचर बैंड पर साइन करना सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह कार्ड के सही उपयोग और पहचान के लिए जरूरी सुरक्षा कदम है. आयोग ने यह भी कहा कि जब ग्राहक बुजुर्ग या कम पढ़े-लिखे हों, तो बैंक की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है.

ऐसे मामलों में बैंक को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. आयोग ने माना कि हर फ्रॉड के लिए बैंक को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बैंक अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह बच जाए. इसी आधार पर आयोग ने बैंक को 5 लाख रुपये मुआवजा और 25 हजार रुपये केस के खर्च के रूप में देने का आदेश दिया.

छोटे डिजिटल फ्रॉड पर RBI का प्रस्ताव

इसी बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने छोटे डिजिटल फ्रॉड के मामलों में ग्राहकों को राहत देने का प्रस्ताव दिया है. प्रस्ताव के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति 5 दिनों के अंदर फ्रॉड की शिकायत करता है, तो उसे हुए नुकसान का 85% तक पैसा वापस मिल सकता है. हालांकि इसकी अधिकतम सीमा 25,000 रुपये होगी.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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