इंडिगो और एअर इंडिया के बाद अब अकासा एयर का किराया भी बढ़ा, जाने नई रेट

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Akasa Air Imposes Fuel Surcharge (फोटो क्रेडिट- अकासा एयर )

Akasa Air Imposes Fuel Surcharge: ईरान-इजरायल जंग के कारण जेट फ्यूल महंगा होने से अब अकासा एयर का किराया भी बढ़ गया है. 15 मार्च से हर टिकट पर ₹199 से ₹1,300 तक का एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा.

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Akasa Air Imposes Fuel Surcharge: एअर इंडिया और इंडिगो के बाद अब अकासा एयर (Akasa Air) ने भी अपनी फ्लाइट टिकटों के दाम बढ़ाने का फैसला किया है. अगर आप कल यानी 15 मार्च से टिकट बुक करते हैं, तो आपको जेब ज्यादा ढीली करनी होगी.

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अकासा एयर का नया नियम क्या है ?

  • कब से लागू: 15 मार्च की रात 12:01 बजे के बाद होने वाली सभी बुकिंग पर.
  • कितना महंगा: दूरी के हिसाब से ₹199 से लेकर ₹1,300 तक का एक्स्ट्रा ‘फ्यूल सरचार्ज’ देना होगा.
  • राहत की बात: अगर आपने 15 मार्च की डेडलाइन से पहले टिकट बुक कर लिया है, तो आपसे कोई एक्स्ट्रा पैसा नहीं लिया जाएगा.
  • कैसे लगेगा चार्ज: यह चार्ज ‘प्रति सेक्टर’ (एक तरफ की यात्रा) पर लगेगा. यानी जितनी लंबी फ्लाइट होगी, चार्ज उतना ही ज्यादा होगा.
अकासा एयर द्वारा जारी की गई सूचना

किराया क्यों बढ़ रहा है ?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और इजरायल-ईरान के बीच चल रही जंग की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. इसकी वजह से विमान के ईंधन यानी ATF (Jet Fuel) के दाम काफी बढ़ गए हैं, जिसका बोझ अब एयरलाइंस यात्रियों पर डाल रही हैं.

एयरलाइन टिकट का किराया कैसे तय होता है ?

बाकी एयरलाइंस का क्या हाल है ?

इंडिगो (IndiGo): इन्होंने 14 मार्च से ही ₹425 से लेकर ₹2,300 तक का सरचार्ज लागू कर दिया है.
एअर इंडिया (Air India): ये 12 मार्च से ही घरेलू फ्लाइट्स पर ₹399 का एक्स्ट्रा चार्ज ले रहे हैं, जबकि इंटरनेशनल फ्लाइट्स के दाम करीब 15% तक बढ़ा दिए गए हैं.

स्पाइसजेट ने सरकार से मदद की मांग की

स्पाइसजेट के फाउंडर अजय सिंह का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो एयरलाइंस कंपनियों के पास टिकट पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं रहेगा.

उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि जेट फ्यूल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) में कुछ कमी की जाए, ताकि एयरलाइंस का खर्च कम हो सके. अजय सिंह के मुताबिक अगर तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली जाती है, तो इससे पूरी एविएशन इंडस्ट्री पर दबाव बढ़ सकता है.

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