राजभवन व पटना हाइकोर्ट ने भी भरा बकाया; PMCH सहित 9 सरकारी अस्पतालों और कॉलेजों से निगम ने 6.25 करोड़ वसूले

पटना नगर निगम की तस्वीर
Patna Municipal Corporation: वित्तीय वर्ष 2025-26 में पटना नगर निगम ने 112 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूला है. शहर के पीएमसीएच, राजभवन व पटना हाईकोर्ट जैसे बड़े संस्थानों ने भी वर्षों पुराना बकाया चुकाया. ओटीएस स्कीम के तहत 82 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया गया.
Patna News: पटना नगर निगम (Patna Municipal Corporation) ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 112 करोड़ रुपये से अधिक प्रोपर्टी टैक्स की वसूली कर ली है. इसमें 26 से अधिक सरकारी विभागों व संस्थानों से 28.16 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गयी है. यह वसूली वन टाइम सेटलमेंट यानी ओटीएस स्कीम (OTS) के तहत हुई. इससे निगम के बकायदारों का एकमुश्त भुगतान करने पर करीब 82 करोड़ रुपये की पेनाल्टी व ब्याज माफ किया गया है. ओटीएस का लाभ अब महज दो दिनों तक ही ले सकते हैं. क्योंकि, 28 नवंबर से 31 मार्च 2026 तक के लिए प्रभावी है.
निगम से मिली जानकारी के मुताबिक कई सरकारी संस्थानों पर पिछले आठ से दस वर्षों से प्रॉपर्टी टैक्स (PropertyTax) बकाया था. वहीं, कई ने तो पहली बार टैक्स का भुगतान किया. ओटीएस स्कीम लागू होने के बाद इन संस्थानों ने एकमुश्त भुगतान कर बकाया निपटाया. सरकारी विभागों से हुई वसूली में सबसे अधिक योगदान बीसीडी सेंट्रल डिवीजन का रहा. इस विभाग ने करीब 8.73 करोड़ रुपये जमा किये. इसके बाद एएन कॉलेज ने 4.37 करोड़ रुपये का भुगतान किया.बीसीडी पटना डिवीजन ने 2.68 करोड़, बीसीडी दानापुर डिवीजन ने 1.28 करोड़ व सीआरपीएफ पटना ने 1.11 करोड़ रुपये जमा किये.
पीएमसीएच, एनएमसीएच व अन्य अस्पतालों से 1.64 करोड़ वसूले
सरकारी अस्पतालों का प्रोपर्टी टैक्स भी लंबे समय से बकाया था. इसमें पीएमसीएच (PMCH) सबसे ऊपर है. अस्पताल ने 78.3 लाख रुपये भुगतान किये हैं. वहीं, आइजीआइएमएस(IGIMS) ने 26.16 लाख रुपये का भुगतान किया है. इसी तरह नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल की ओर से 17.91 व सुप्रींटेंडेंट की ओर से 16.75 लाख रुपये का भुगतान किया गया है.अगमकुआं के राजेन्द्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आरएमआरआइ) ने 12.75 लाख व पटना मेडिकल कॉलेज ने 12.67 लाख रुपये का भुगतान किया है. ये सभी अस्पतालों का लंबे समय से टैक्स बकाया था.
राजभवन व पटना हाइकोर्ट का भी प्रोपर्टी टैक्स था बकाया
बिजली विभाग की ओर से भी निगम को 93.9 लाख रुपये टैक्स का भुगतान किया गया है. वहीं, हज भवन से 43.6 लाख, पोस्ट ऑफिस से 36.4 लाख, पटना एयरपोर्ट से 35.03 लाख व बीएसएनएल ने 28.9 लाख रुपये का भुगतान किया है. वहीं, डिविजनल कमिश्नर ऑफिस का भी प्रोपर्टी टैक्स बकायथा. यहां से निगम ने 19.35 लाख रुपये की वसूली की है. इसके अलावे पटना हाइकोर्ट, अरविंद महिला कॉलेज, श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र, राजभवन, आर्यभट्ट ज्ञान विवि, सरदार पटेल भवन व अन्य ने भुगतान किया है. राज भवन से 11.77 लाख व पटना हाइकोर्ट ने 13.3 लाख रुपये का भुगतान किया है.
चालू वित्तीय वर्ष में 27.6 फीसदी अधिक हुई टैक्स वसूली
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष की वसूली पिछले वित्तीय वर्ष के टैक्स कलेक्शन का 27.6 फीसदी अधिक है. पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 87.8 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था. जबकि, इस बार 112 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हो चुकी है. वहीं, दो दिन अब भी शेष हैं. हालांकि, इसके लिए विभिन्न अंचलों में विशेष टीम बनाकर बकाया धारकों को नोटिस देने और भुगतान सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया चलायी गयी. नगर आयुक्त स्तर से इसकी निगरानी की जा रही है.
सबसे अधिक टैक्स भुगतान करने वाले टॉप 5 सरकारी संपत्तियां
बीसीडी- सेंट्रल डिवीजन: 8.73
एएनकॉलेज: 4.37
बीसीडी- पटना डिवीजन: 2.68
बीसीडी- दानापुर डिवीजन: 1.28
सीआरपीएफ पटना: 1.11
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लेखक के बारे में
By हिमांशु देव
सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.
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