कहीं दलदल तो कहीं बढ़ा है जलस्तर, पटना के घाट पर छठव्रती कैसे देंगे भगवान भास्कर को अर्घ्य?
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 29 Oct 2024 9:00 AM
घाट पर दलदल और कीचड़
Patna Chhath Ghat: पटना में गंगा का जलस्तर घटने-बढ़ने से घाटों की स्थिति में लगातार बदलाव देखी जा रही है. बता दें कि, बालू की बोरियां डाल कर बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है. कंगन घाट पर चारों तरफ दलदल की स्थिति है.
Patna Chhath Ghat: पटना में गंगा का जलस्तर घटने-बढ़ने से घाटों की स्थिति में लगातार बदलाव देखी जा रही है. बता दें कि, बालू की बोरियां डाल कर बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है. कंगन घाट पर चारों तरफ दलदल की स्थिति है. किसी व्रती द्वारा मामूली चूक होने पर भी खतरा हो सकता है. महाराज घाट की बात करें तो पाट काफी छोटा हो गया है, नीचे उतरने पर ढलान है. दौड़ा रखने के लिए भी जगह नहीं है. हालांकि, रास्ते को बनाने का कार्य चल रहा है. संभावना है कि प्रशासन इस घाट को खतरनाक घोषित कर दे, क्योंकि यहां पानी की गहराई भी काफी अधिक है.
दलदल की स्थिति को ठीक करने में जुटा प्रशासन
खाजेकलां घाट पहले से काफी बेहतर दिख रहा है. यहां साफ-सफाई का कार्य भी तेजी से चल रहा है. इस घाट की सीढ़ियों को साफ कर दिया गया है. यहां रंग-रोगन कर झंडा और पताका भी लगाया जा रहा है. घाट पर अंधेरा न हो इसके लिए लाइट की व्यवस्था की जा रही है. घाटों पर अब यह समस्या आ गई है कि जहां दलदल को ठीक किया गया था, वहां हल्की बारिश होने से मिट्टी की चिकनाई बढ़ गयी है. फिसलन की स्थिति पैदा हो गई है. व्रती को तट से उतरते ही पानी की गहराई का सामना करना पड़ सकता है.
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पटना के कुछ महत्वपूर्ण घाट की वर्तमान स्थिति
मिरचाई घाट
मिरचाई घाट पर भी व्रतियों की भीड़ इकट्ठा होती है. यहां अभी दलदल की स्थिति बनी हुई है. इस भीड़ को देखते हुए स्थानीय लोग काफी सक्रिय हैं. गंगा का जलस्तर घटने के बाद वहां नमी है, जिससे दलदल की स्थिति बनी हुई है. बांस-बल्लों को गिराया गया है ताकि बेहतर रास्ता बनाया जा सके.
गायघाट
गाय घाट पटना के महत्वपुर घाटों में शामिल है. यहां लाखों की संख्या में लोग छठ करने आते हैं. यहां का रास्ता अभी बेहतर है. तट पर सफाई का काम चल रहा है. यहां से कुछ ही दूरी पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है. ताकि लोग तटों पर सीधे वाहन लेकर प्रवेश न करें. बैरिकेडिंग के लिए बांस-बल्ला का भी उपयोग किया जा रहा है.
टेढ़ी घाट
टेढ़ी घाट की वर्तमान स्थिति की बात करें तो, सड़क मार्ग से सीधे गंगा तट पर पहुंचने के मार्ग में काफी गंदगी है. घाट का अस्तित्व नहीं दिख रहा है. निगम की ओर से पोस्टर-बैनर लगाया गया है जिससे पता चलता है कि यह टेढी घाट है. घाट को बेहतर बनाने के लिए बालू की बोरियों का उपयोग किया जा रहा है.
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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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