संवाददाता, पटना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा कि विपक्ष का ‘कल्याण’ और ‘आरक्षण’ अपने परिवार तक ही सीमित है. वहीं, एनडीए की सरकार ने सभी वर्गों के गरीबों की चिंता की है. वे रविवार को मिलर हाइस्कूल मैदान पर आयोजित अत्यंत पिछड़ा वर्ग हुंकार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. भाजपा अध्यक्ष ने बिना किसी के नाम लिए राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के लोगों ने केवल अपने बेटे, बेटी और पत्नी को आरक्षण देकर आगे बढ़ाने का काम किया. उन्होंने कभी भी पिछड़ा, अतिपिछड़ा को आगे बढ़ाने का काम नहीं किया. बिहार में 100 प्रतिशत डोमिसाइल की बात करने वाले लोगों को पहले अपने दल में डोमिसाइल लागू करवाना चाहिए. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अति पिछड़ों को हमेशा सम्मान दिया. बिहार सरकार के 21 में से सात (33 फीसदी) मंत्री अति पिछड़ा समाज से हैं. उन्होंने चंद्रवंशी, प्रजापति, सहनी सहित सभी अतिपिछड़ी जातियों से एनडीए के पक्ष में एकजुट रहने की अपील की और भरोसा दिलाया कि इस समाज का आरक्षण 12 फीसदी से बढ़ा कर 25 फीसदी करने की मांग को मुख्यमंत्री के समझ रखा जायेगा. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार का विपक्ष परिवार, जाति और दूसरों की उपलब्धियों की परजीविता पर राजनीति करने वाले लोगों की जमात है. न उनके पास विकास की विरासत है, न कोई विजन है और न ही जनता का विश्वास है. ये बिहार की जनता को बरगलाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं. समारोह को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया. सभी दल या गठबंधन एक तिहाई टिकट अत्यंत पिछड़ी जातियों को दे : डॉ भीम सिंह: कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ भीम सिंह ने लोकसभा तथा विधानसभा में अत्यंत पिछड़ी जातियों के लिए आबादी के समानुपातिक सीटें आरक्षित किये जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी या अपने गठबंधन की एक तिहाई टिकट अत्यंत पिछड़ी जातियों को दे. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा गठित जस्टिस रोहिणी आयाेग की रिपोर्ट को सार्वजनिक किये जाने की मांग की.
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