ePaper

निजी स्कूलों की पुरानी बसे होंगी जब्त, जनवरी से चलेगा अभियान

Updated at : 02 Nov 2025 7:07 PM (IST)
विज्ञापन
निजी स्कूलों की पुरानी बसे होंगी जब्त, जनवरी से चलेगा अभियान

निजी स्कूल में पुरानी बसों की सेवा नहीं ली जायेगी. निजी स्कूलों में पुरानी और जर्जर हो चुके बसों को जब्त करने की तैयारी चल रही है

विज्ञापन

संवाददाता, पटना

निजी स्कूल में पुरानी बसों की सेवा नहीं ली जायेगी. निजी स्कूलों में पुरानी और जर्जर हो चुके बसों को जब्त करने की तैयारी चल रही है. बच्चे उसी बस पर स्कूल आयेंगे और जायेंगे जो नयी होगी या फिर दो या तीन साल पुरानी होगी. शिक्षा विभाग ने इस संबंध में जिला परिवहन विभाग के सहयोग से पुरानी बसों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है. पुरानी बसों को जब्त करने की प्रक्रिया नये साल जनवरी में महीने से शुरू करने की तैयारी है. सड़कों पर वही नयी बसे भी चलेंगी जो तय मानक को पूरा करेगी. स्कूल बसों में मानकों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधकों पर कार्रवाई की जायेगी. जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से सभी स्कूल प्रबंधकों को बसों का परिचालन मानकों के आधार पर करने को लेकर तैयारी शुरू कर दिया है. जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार स्कूलों को निर्देशित किया जायेगी कि वे बसों में सभी मानकों का पालन कराना सुनिश्चित करें. स्कूल बसों और कैब में भी सीटों से अधिक बच्चों को बैठाने और मानकों को पूरा नहीं करने वाले स्कूल प्रबंधक व बस संचालकों पर भी कार्रवाई की जायेगी.

निजी स्कूलों के 234 बसें और 143 वैन है रिजस्टर्ड

जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त आंकड़े के मुताबिक जिले के निजी स्कूलों की ओर से करीब 1,300 बसें और ढाई हजार छोटे वैन से बच्चे स्कूल से आते-जाते हैं. लेकिन परिवहन विभाग से 234 बसें और 143 वैन ही रजिस्टर्ड कराये गये हैं. जिन स्कूल प्रबंंधकों के बसों की डाक्यूमेंट में कमी पाई जायेगी उसे भी अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों पर भी कार्रवाई की जायेगी. सभी स्कूल प्रबंधकों को दिसंबर तक डाक्यूमेंट को पूरा करने को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से निर्देश दिया गया है. इससे पहले भी जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से मानकों को पूरा करने का निर्देश कई बार दिया जा चुका है.

स्कूल बसों व प्राइवेट वाहनों के लिए इन मानकों का होना जरूरी

– स्कूल बसे में कैमरा, जीपीआरएस ट्रैकर, फायर सेफ्टी उपकरण, सभी तरह के वाहन में मेडिकल किट, वाहनों की फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रदूषण वैधता प्रमाणपत्र, व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस, खिड़की में लोहे के तीन रॉड लगे होने चाहिए, वाहन में सीट बेल्ट की व्यवस्था, बस के पीछे स्कूल के नाम और नंबर लिखे होने चाहिये. सभी ड्राइवर का पुलिस वैरिफिकेशन हो. बसों पर ड्राइवर और खलासी का नाम और नंबर लिखा हो. स्कूल वैन में पीली पट्टी पर स्कूल का नाम लिखा होना चाहिये. इसके साथ ही स्कूल वाहनों की अधिकतम सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक नहीं होनी चाहिये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMBER MD

लेखक के बारे में

By AMBER MD

AMBER MD is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन