PMCH में बच्चों के तापमान को मेंटेन रखने वाली नौ वार्मर मशीनें खराब, लंबे इंतजार के बाद किया जा रहा इलाज

Updated at : 12 Dec 2022 2:11 AM (IST)
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PMCH में बच्चों  के तापमान को मेंटेन रखने वाली नौ वार्मर मशीनें खराब, लंबे इंतजार के बाद किया जा रहा इलाज

पीएमसीएच में रोजाना 15 से अधिक बच्चों को वार्मर मशीन की जरूरत पड़ती है. हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि वर्तमान में 43 वार्मर मशीन काम कर रही हैं. कुल वार्मर की संख्या 52 है. लेकिन, बच्चों की संख्या अधिक व नौ मशीन खराब होने से रोजाना तीन से चार बच्चों को वार्मर मशीन नहीं लग पा रही है.

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पटना. नवजात के शरीर के तापमान को संतुलित रख कर उसे जीवनदान देने में मददगार रेडिएंट वार्मर मशीनों को लेकर अस्पताल प्रशासन कितना गंभीर है, इसका नजारा पीएमसीएच के शिशु वार्ड में देखा जा सकता है. शिशु वार्ड में नौ वार्मर मशीन खराब पड़ी हैं. दूसरी ओर बच्चों की संख्या अधिक व वार्मर मशीन कम होने से आये दिन कुछ बच्चों को लौटना पड़ रहा है, जबकि ठंड के मौसम में वार्मर की जरूरत अधिकतर नवजात बच्चों को अधिक पड़ती है.

रोजाना 15 से अधिक बच्चों को पड़ती है जरूरत

पीएमसीएच में रोजाना 15 से अधिक ऐसे बच्चे होते हैं, जिनको वार्मर मशीन की जरूरत पड़ती है. हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि वर्तमान में 43 वार्मर मशीन काम कर रही हैं. कुल वार्मर की संख्या 52 है. लेकिन, बच्चों की संख्या अधिक व नौ मशीन खराब होने से रोजाना तीन से चार बच्चों को वार्मर मशीन नहीं लग पा रही है. यह समस्या पिछले एक महीन से अस्पताल में है. शिशु रोग विभाग की मानें, तो वर्तमान में बच्चों की संख्या को देखते हुए 100 से अधिक वार्मर मशीनों की जरूरत है.

इस तरह चार से छह बच्चों को नहीं मिल पाता है वार्मर मशीन

शिशु वार्ड के डॉक्टरों की मानें, तो कई ऐसे नवजात बच्चे होते हैं, जिनको सात से 10 दिन तक वार्मर मशीन की जरूरत पड़ती है. अगर बच्चा पांच दिन भी वार्मर में रहता है, तो यहां एक साथ आठ बच्चों को ही वार्मर मशीन की सुविधा मिल पाती है. ऐ

क्या काम करती है वार्मर मशीन

ठंड के मौसम में बच्चों को गर्मी देने, जन्म के समय नहीं रोने, कम वजन, सांस लेने में तकलीफ, प्री मैच्योयर आदि से जुड़े बच्चों को तकलीफ के बाद वार्मर मशीन में रखा जाता है. यह इलेक्ट्रॉनिक मशीन है, तापमान मेंटेन रखती है.

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क्या कहते हैं अधिकारी

पीएमसीएच शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ एके जयसवाल का कहना है कि जो मशीनें ठीक हैं, उनसे इलाज चल रहा है. बच्चों को परेशानी नहीं हो रही है. बीच-बीच में कुछ मशीनों को ठीक भी कराया जा चुका है. वहीं, वार्मर मशीनों के खराब होने की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दे दी गयी है. प्रशासन जल्द ही खराब वार्मर मशीनों को बनवाने जा रहा है. इसकी मंजूरी भी मिल गयी है.

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