कैंपस : राज्य के सरकारी स्कूलों के पुस्तकालय में रखी जायेंगी एनसीइआरटी की किताबें

Updated at : 13 Sep 2024 7:51 PM (IST)
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कैंपस : राज्य के सरकारी स्कूलों के पुस्तकालय में रखी जायेंगी एनसीइआरटी की किताबें

राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी अब एनसीइआरटी की किताबें पढ़ेंगे.

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संवाददाता, पटना

राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी अब एनसीइआरटी की किताबें पढ़ेंगे. इसके लिए जिले के माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के पुस्तकालय में एससीइआरटी के साथ ही एनसीइआरटी की किताबें भी रखने का निर्णय लिया गया है. शुक्रवार को शहर के छज्जूबाग स्थित सिन्हा लाइब्रेरी हॉल में जिले के पुस्तकालयाध्यक्षों की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने की. मौके पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा व साक्षरता) अमृत कुमार उपस्थित रहे. बैठक में जिले के विभिन्न स्कूलों के करीब 100 पुस्तकालय अध्यक्ष मौजूद थे. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी को पुस्तकालय के रखरखाव के लिये टास्क दिया. उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में लागू पाठ्यक्रम को बच्चे कक्षा में पढ़ते ही हैं. यहां के बच्चे एनसीइआरटी की भी पुस्तक पढ़ें यह व्यवस्था पुस्तकालय में होनी चाहिए. अब सभी पुस्तकालयों में एनसीइआरटी की पुस्तकें भी रखी जायेंगी. इन्हें खरीदने में जो खर्च आयेगा, वह संबंधित स्कूल के छात्र विकास कोष से दिया जायेगा.

पुस्तकालय में रखे जायेंगे हिंदी और अंग्रेजी के समाचार पत्र

सरकारी स्कूलों के पुस्तकालय में हिंदी और अंग्रेजी के समाचार पत्र रखने का निर्देश दिया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि पुस्तकालय में रखी पुस्तकें सुसज्जित तरीके से रखें, ताकि किसी भी विद्यार्थी व शिक्षक को किताबें पढ़ने में दिक्कत न हो. इसके साथ ही लाइब्रेरी में कुर्सी-टेबुल को भी बेहतर ढंग से रखने को कहा गया है. यह सुनिश्चित किया जाये कि पुस्तकालय में पाठ्यक्रम के अलावा अन्य ज्ञानवर्धक पुस्तक, प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित पुस्तक और एक हिंदी और एक अंग्रेजी का अखबार प्रतिदिन रखा जाये. इस पर होने वाला खर्च छात्र विकास कोष से किया जायेगा. पुस्तकालय में कौन-कौन सी पुस्तक उपलब्ध है, उसकी सूची रहनी चाहिए. दीवारों पर विद्वानों द्वारा लिखी गयीं पंक्तियां लिखी जाएं. बच्चे किताब घर ले जाएं और वहीं बैठ कर पढ़ें, यह व्यवस्था होनी चाहिए. स्कूल खुलते ही पुस्तकालय खुले, यह पुस्तकालयाध्यक्ष सुनिश्चित करेंगे. स्कूलों की जांच में अगर पुस्तकालय से संबंधित शिकायत मिलती है, तो पुस्तकालयाध्यक्षों पर कार्रवाई की जायेगी.

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