National Unity Day: 31 अक्टूबर को हर साल होगी भव्य परेड,अमित शाह ने पटना में की बड़ी घोषणा

National Unity Day
National Unity Day: अब हर साल गणतंत्र दिवस की तरह 31 अक्टूबर को भी देश में एक और भव्य परेड देखने को मिलेगी. सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देशभर में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ मनाया जाएगा — इसका एलान खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में किया.
National Unity Day: बिहार विधानसभा चुनावों की हलचल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्या में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान किया. उन्होंने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (31 अक्टूबर) के अवसर पर अब हर साल गुजरात के एकता नगर में गणतंत्र दिवस जैसी भव्य परेड आयोजित की जाएगी. इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद परेड की सलामी देंगे.
कांग्रेस ने भुलाया लौह पुरुष को — अमित शाह का कांग्रेस पर वार
शाह ने कहा, “सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन में और आजादी के बाद देश को एकजुट करने में अद्भुत भूमिका निभाई. लेकिन कांग्रेस ने उन्हें भुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. यही कारण था कि उन्हें भारत रत्न मिलने में 41 साल की देरी हुई.”
उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता के प्रतीक सरदार पटेल की जयंती अब सिर्फ एक स्मरण दिवस नहीं रहेगी, बल्कि राष्ट्रीय गर्व और प्रेरणा का पर्व बनेगी. शाह ने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 7:55 बजे एकता नगर में भव्य परेड की सलामी देंगे.
सभी राज्यों में ‘एकता दौड़’, स्कूल-कॉलेजों में आयोजन
अमित शाह ने बताया कि पटेल जयंती के मौके पर केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
“सभी राज्यों, जिलों, विश्वविद्यालयों और विद्यालयों में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर एकता दौड़ का आयोजन होगा,”-उन्होंने कहा.
इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद रहे. राय ने कहा कि बिहार हमेशा से राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का केंद्र रहा है, इसलिए इस परंपरा की शुरुआत की घोषणा पटना से होना अपने आप में ऐतिहासिक है.
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार
शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की 562 रियासतों को जोड़कर एकता का जो काम किया, वही आज “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की नींव है. उन्होंने कहा कि यह परेड देश की भौगोलिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक एकता का प्रतीक बनेगी.
“हम चाहते हैं कि हर नागरिक इस दिन अपने भीतर सरदार पटेल की भावना को महसूस करे,” शाह ने कहा.
बिहार चुनावी मौसम में शाह का यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है. बीजेपी इसे राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रवाद के प्रतीक के रूप में प्रचारित करने की रणनीति में है. वहीं, शाह के “कांग्रेस ने सरदार पटेल को भुलाया” वाले बयान से आने वाले दिनों में राजनीतिक गर्मी और बढ़ने के आसार हैं.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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