संवाददाता, पटना
शिक्षा विभाग की ओर से राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ ही बागबानी के गुर सिखाने के लिए पोषण वाटिका तैयार करने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. फिलहाल जिले के प्रत्येक प्रखंड में दो-दो मॉडल पोषण वाटिका तैयार किये जायेंगे. विभिन्न प्रखंडों में मॉडल पोषण वाटिका बनाने के लिए स्कूलों का चयन कर लिया गया है. फिलहाल 24 स्कूलों का चयन किया गया है. इससे पहले 24 स्कूलों का चयन किया गया था. प्रत्येक पोषण वाटिका का आकार 20 x 47 और 20 x 30 वर्ग फुट का होगा. पोषण वाटिका के निर्माण पर पांच हजार रुपये खर्च किये जायेंगे. इस राशि से फेंसिंग के लिए 1000, पौधा पर 1000, कुदाल-खुरपी आदि पर 2000 व अन्य पर 1000 रुपये खर्च किये जायेंगे. मॉडल पोषण वाटिका को देखकर ही अगले चरण में जिले के 824 स्कूलों में भी पोषण वाटिका को तैयार किया जाना है. इन 824 स्कूलों में खाली जगह और एरिया की मैपिंग कर फाइनल रिपोर्ट तैयार किये जाने के बाद इन स्कूलों में भी पोषण वाटिका तैयार की जायेगी.पोषण वाटिका स्कूलों में प्रत्येक सप्ताह चेतना सत्र में मिलेगा गाइडेंस
जिन स्कूलों में पोषण वाटिका तैयार की जायेगी, वहां पढ़ने वाले आठवीं तक के बच्चों को प्रत्येक सप्ताह बुधवार के दिन चेतना सत्र में वाटिका को बेहतर बनाने के लिए गाइड किया जायेगा. पोषण वाटिका में लगाये जाने वाले पालक, मूली, धनिया, मेथी, टमाटर, मिर्च, गाजर और पुदीना सहित अन्य सब्जियां उगायी जायेंगी. वहीं जिन स्कूलों में पर्याप्त जगह है, वहां की वाटिका में बच्चों को गोभी, मटर और अन्य सीजनल सब्जियों की खेती के तरीके और सिंचाई के बारे में जानकारी दी जायेगी. इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष पोषण माह के दौरान स्कूलों में प्रखंड स्तर पर पोषण मेला भी आयोजित किया जायेगा. मेले में पोषण व खाद्य विविधता का प्रदर्शन, जागरूकता व प्रतियोगिता भी आयोजित की जायेगी. इसके साथ ही प्रत्येक छह माह पर अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित कर पोषण वाटिका के महत्व को बताने के साथ ही इसे घरों में भी तैयार करने के लिए प्रेरित किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

