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बिहार राज्य विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के महाधिवेशन में जुटेंगे हजारों कर्मी

Updated at : 21 Jun 2025 8:37 PM (IST)
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बिहार राज्य विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के महाधिवेशन में जुटेंगे हजारों कर्मी

बिहार राज्य विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ का 28वां महाधिवेशन 26 जून 2025 को श्री अरविंद महिला कॉलेज में होगा.

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– तीन दिवसीय महाधिवेशन की शुरुआत 26 जून से अरविंद महिला कॉलेज में होगी

संवाददाता, पटना

बिहार राज्य विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ का 28वां महाधिवेशन 26 जून 2025 को श्री अरविंद महिला कॉलेज में होगा. कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खान करेंगे. यह जानकारी संवाददाता सम्मेलन में शनिवार को महासंघ के अध्यक्ष गंगा झा, महामंत्री ब्रजकिशोर सिंह ने बताया कि महाधिवेशन में बिहार के सभी महाविद्यालयों से लगभग एक हजार प्रतिनिधि भाग लेंगे. उन्होंने बताया कि महाधिवेशन में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार विशिष्ट अतिथि होंगे. सांसद रवि शंकर प्रसाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो संजय कुमार सिंह, विधान पार्षद बीरेंद्र नारायण यादव, विधान पार्षद, प्रो संजीव कुमार सिंह, विधान पार्षद प्रो मदन मोहन झा, विधान पार्षद सच्चिदानंद राय विधान पार्षद, महावीर मंदिर न्यास समिति के प्रो रणवीर नंदन पाटलिपुत्र विवि के कुलपति सहित कई कॉलेजों के प्राचार्य सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे. 27-28 जून को पार्षद सत्र होगा और 28 जून को नयी कार्यकारिणी गठित की जायेगी. महासंघ ने वेतन विसंगतियों, प्रोन्नति में देरी और अनुकंपा नियुक्ति में देरी पर चिंता व्यक्त की है. कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक पर भी सवाल उठाये गये हैं. महासंघ ने सरकार से वार्ता करने और समस्याओं का समाधान करने की मांग की है. वहीं महासंघ के स्वागत मंत्री और पीपीयू के सीनेट सदस्य दीपक सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को वेतन की अंतरराशि, एसीपी व एमएसीपी के भुगतान के लिए दी गयी थी. लेकिन उस राशि का न तो विधि सम्मत भुगतान हुआ और न ही उस खर्च का उपयोगिता प्रमाणपत्र विश्वविद्यालय द्वारा सरकार को दिया गया. कर्मचारियों को प्रोन्नति का लाभ समय पर नहीं दिया जा रहा है. विश्वविद्यालय में अनुकंपा समिति की बैठक नियमित रूप से नहीं हो रही है. इसके कारण आश्रित व मृत कर्मचारियों की विधवाओं को इसके लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता है. राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1982 से ही शिक्षकेतर कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक है, कर्मियों का घोर अभाव है, प्रयोगशाला, पुस्तकालय ,कार्यालय एवं खेल विभाग में नियमित कर्मचारी नहीं हैं. विश्वविद्यालय का खेल विभाग तो पीटीआइ के अभाव में शून्य की स्थिति में है. इस कारण बिहारी प्रतिभा का हनन हो रहा है. विश्वविद्यालय से इसकी रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए यह गंभीर विषय है. मौके पर अरविंद महिला कॉलेज की प्राचार्य प्रो साधना ठाकुर ने बताया कॉलेज में कर्मियों की कमी से काफी काम प्रभावित होता है. विश्वविद्यालय का सबसे महत्वपूर्ण अंग कर्मी होते हैं. इनकी समस्याओं को राजभवन से लेकर राज्य सरकार तक जाने जरूरी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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