Bihar Naukri: बिहार के युवाओं के लिये साल 2026 बेहद खास हो सकता है. दरअसल, बिहार सरकार की तरफ से अगले 5 सालों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया था. ऐसे में सरकार ने खास मास्टर प्लान भी तैयार किया है. बिहार में नयी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार एक्शन में हैं. कड़ाके की ठंड के बावजूद वे सरकार की तरफ से कराये जा रहे विकास कार्यों का जायजा ले रहे हैं.
बिहार को 5 सबसे विकसित राज्यों में शामिल करना लक्ष्य
सरकार के गठन के 40 दिन से अधिक समय हो चुका है और नीतीश कुमार का लक्ष्य बिहार को देश के पांच सबसे विकसित राज्यों में शामिल करना है. इससे जुड़ी नयी घोषणाओं के साथ वे पहले से चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा भी कर रहे हैं. नव-विकास के इस दौर में नौकरी और रोजगार पर उनका खास फोकस बना हुआ है. 2005-2020 के बीच आठ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है.
सात निश्चय-2 के तहत 2020-2025 में 50 लाख लोगों को नौकरी/रोजगार देने का संकल्प लिया गया था. अब यह लक्ष्य 2025-2030 के बीच एक करोड़ तक बढ़ाने की दिशा में है. निजी क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बनाने के लिए उच्चस्तरीय समिति को सक्रिय किया गया है.
लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार
2025 में कई लोगों के हित में घोषणाओं से आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं के लिए मासिक पेंशन चार सौ से 11 सौ रुपये कर दिया गया. सभी लाभार्थियों के खाते हर महीने 10 तारीख को ट्रांसफर सुनिश्चित किया गया है. लगभग एक करोड़ नौ लाख 69 हजार लाभार्थियों को इसका लाभ मिला.
फ्री बिजली से लोगों को बड़ी राहत
इसके साथ ही बिजली फ्री योजना (125 यूनिट तक) से लगभग एक करोड़ 89 लाख परिवारों को राहत मिली. औसतन 306-550 रुपये की मासिक बचत हो रही है. करीब 1.67 करोड़ उपभोक्ता 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली से लाभान्वित हैं. सरकार घर-घर सोलर लगाने की योजना भी प्रस्तावित कर रही है.
महिला सशक्तीकरण को लेकर हुआ खास काम
महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में 2025 में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने खास भूमिका निभायी है. इसमें हर परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये प्रारंभिक सहायता दी जाती है. व्यवसाय के सफलता पर दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता मिलती है. इससे महिलाओं के आयाम और रोजगार के अवसर बढ़े हैं.
अब तक लगभग एक करोड़ 56 लाख महिलाओं को लाभ मिल चुका है. जीविका परियोजना (2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर) से लगभग एक करोड़ 40 लाख जीविका दीदियां आज सेल्फ डिपेंडेंट बन चुकी हैं.
अब सात निश्चय-3 को लागू करने का फैसला
नये साल में सात निश्चय-3 का लागू करने का फैसला लिया गया है. इसका पहला निश्चय दोगुना रोजगार-दोगुनी आय है, जिसका उद्देश्य प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के दायरे में स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये और आगे बढ़ाने के लिए दो लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध करायी जायेगी.
साथ ही 2023 के जाति-आधारित गणना के साथ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण से चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से जोड़ा जायेगा और जरुरत के अनुसार अलग से वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी. आने वाले 5 सालों में बिहार के उत्पादों की ब्रिक्री के लिए हाट-बाजार विकसित किए जायेंगे. एक करोड़ युवाओं के लिये रोजगार अवसर बनाने के लक्ष्य के साथ युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की स्थापना भी की गयी है.
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