ePaper

LIC officer murder case : लोजपा नेता छोटे लाल यादव को उम्रकैद, 6 दोषियों को चार साल बाद सजा

Updated at : 01 Aug 2025 10:40 AM (IST)
विज्ञापन
LIC officer murder case

LIC officer murder case

LIC officer murder case: LIC अधिकारी की हत्या में लोजपा नेता को उम्रकैद!" एक ज़मीन को लेकर शुरू हुआ विवाद, मंदिर निर्माण की आड़ में कब्ज़े की साज़िश और अंत में एक ईमानदार अधिकारी की पीट-पीटकर हत्या—चार साल बाद अदालत का बड़ा फैसला

विज्ञापन

LIC officer murder case: एक राजनीतिक चेहरा, एक जमीन विवाद, और एक सरकारी अधिकारी की सरेआम पीट-पीटकर हत्या—चार साल पहले की इस सनसनीखेज़ घटना पर बिहार शरीफ कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया. लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता और अस्थावां विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी छोटे लाल यादव समेत छह आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है.

साथ ही, सभी दोषियों पर ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया गया है.अगर जुर्माना नहीं दिया गया तो उन्हें छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. इस मामले में सुनवाई कर रहे जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम संजीव कुमार सिंह ने दोषियों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी पाया.

क्या था मामला?

घटना 20 फरवरी 2021 की है। प्रवीण कृष्ण, जो कि दिल्ली में LIC अधिकारी थे, अपने भाइयों के साथ नालंदा जिले के झिंगनगर मोहल्ला में पारिवारिक ज़मीन पर गैरेज निर्माण के लिए जेसीबी मंगवाए थे. इसी ज़मीन पर बिना अनुमति मंदिर निर्माण की कोशिश कर रहे थे लोजपा नेता छोटे लाल यादव और उनके साथी. विरोध में जब प्रवीण कृष्ण निर्माण स्थल पर पहुंचे, तो 28 फरवरी को दिन के करीब साढ़े बारह बजे, छोटे लाल यादव अपने साथ 15-20 लोगों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे और हमला कर दिया.

प्रवीण कृष्ण को बुरी तरह पीटा गया और जब उनके भाई बचाव में आए, उन्हें भी मारा गया. इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही प्रवीण की मौत हो गई. घटना के बाद CCTV फुटेज सामने आया, जिसमें पूरी वारदात कैद थी. यही फुटेज अदालत में अहम सबूत बना.

फैसले में क्या कहा गया?

कोर्ट ने कहा कि यह पूर्व नियोजित और क्रूर हमला था. हत्या के अलावा दोषियों को 5 साल और 2 साल की सजा अन्य धाराओं में भी सुनाई गई है. जुर्माना अलग से लगाया गया है. छह दोषी – छोटे लाल यादव, भूषण यादव, लाला यादव, वीरमणि यादव, पप्पू कुमार और मनोज कुमार सभी झिंगनगर मोहल्ला के निवासी हैं.

छोटे लाल यादव वर्ष 2015 में लोजपा से अस्थावां सीट से चुनाव लड़ चुके हैं और जदयू को टक्कर देने वाले प्रमुख प्रत्याशी माने जाते थे. लेकिन चार साल पहले की एक ज़मीन को लेकर चल रहे विवाद में वह अपराध के कठघरे में खड़े हो गए.

राजनीतिक पहचान वाले आरोपी को सजा मिलने से यह संदेश गया है कि कानून सबके लिए बराबर है. वहीं, मृतक प्रवीण के परिवार ने फैसले के बाद संतोष जाहिर किया और कहा कि “चार साल बाद सही, पर हमें न्याय मिला है.”

Also Read: CM Nitish Gift: रसोइया, PT टीचर के साथ इनका भी मानदेय हुआ डबल, सीएम नीतीश का एक और बड़ा एलान

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन