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Land For Job Case: 'विदेश जाने वाले थे, अब कोर्ट जाएंगे', आभार यात्रा पर निकले तेजस्वी यादव पर जेडीयू ने बोला हमला

Updated at : 18 Sep 2024 3:42 PM (IST)
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Tejashwi Yadav Niraj Kumar

तेजस्वी यादव और नीरज कुमार (file)

Land For Job Case: लैंड फॉर जॉब मामले में दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनके बेटे एवं बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद एवं अन्य को बुधवार को तलब किया है.

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Land For Job Case: दिल्ली की एक अदालत ने नौकरी के बदले जमीन से जुड़े धन शोधन के मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, उनके बेटे एवं बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद एवं अन्य को बुधवार को तलब किया है. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोपियों को सात अक्टूबर को अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है. न्यायाधीश ने आरोपियों के खिलाफ दाखिल पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किया. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छह अगस्त को अदालत के समक्ष अंतिम रिपोर्ट पेश की थी. ईडी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर प्राथमिकी के आधार पर यह मामला दर्ज किया था. ED ने कहा कि मामला मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में ग्रुप-डी की नियुक्तियों से संबंधित है. ये नियुक्तियां लालू प्रसाद के 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहने के दौरान की गई थीं. अब इस मामले पर जेडीयू नेता नीरज कुमार ने तंज कसा है.

विदेश जाने वाले थे, अब जाएंगे कोर्ट: जेडीयू

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने आज नौकरी के बदले जमीन से जुड़े धन शोधन के मामले में राजद और लालू परिवार को जमकर घेरा. जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने लालू परिवार को राजधानी पटना का सबसे बड़ा जमींदार बताया. साथ ही नीरज ने तेजस्वी यादव पर तंज कसा. बता दें कि तेजस्वी यादव अगले वर्ष बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं और इसी कड़ी में वो फिलहाल अपनी आभार यात्रा पर हैं. यात्रा समाप्त करने के बाद वो विदेश जाने की तैयारी में थे. उनका पासपोर्ट तो फ़िलहाल जब्त है लेकिन कोर्ट से अनुमति लेकर ही सपरिवार लंदन जाने वाले थे. इसी बात को लेकर नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर एक कहावत के जरिए हमला बोला. उन्होंने कहा,’सर मुंडवाते ही ओले पड़े’, तेजस्वी यादव विदेश जाने वाले थे,अब उन्हें कोर्ट जाना पड़ेगा.

जानिए मामला

जमीन के बदले नौकरी का मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू यादव मनमोहन सिंह सरकार में रेल मंत्री थे. लालू यादव पर आरोप है कि उनके कार्यकाल में रेलवे ग्रुप-डी के पदों पर कई लोगों को नियमों की अवहेलना करते हुए गलत तरीके से नौकरी दी गई थी. इसके बदले में लालू परिवार और करीबियों के नाम पर महंगी जमीनें सस्ते दाम पर या फ्री में लिखवाई गई थीं. इस मामले के आपराधिक पहलू की जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई कर रही है.वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के पास है. बीते 6 अगस्त को ईडी ने इस केस में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी, इसमें 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से तीन की मौत हो चुकी है.

बता दें कि नौकरी के बदले जमीन मामले में आरोपी लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजस्वी यादव को कोर्ट पहले भी पेशी के लिए बुला चुका है. लेकिन पहली बार इस मामले में तेज प्रताप यादव को हाजिर होने को कहा है.ऐसे में चुनाव से पहले लालू परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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