नए साल में बढ़ी लालू यादव की मुश्किलें, संपत्ति जांच की मांग तेज, नए घर पर सियासी बवाल
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 02 Jan 2026 3:14 PM
लालू प्रसाद यादव
Lalu Yadav New House Controversy: पटना में लालू प्रसाद यादव के नए निर्माणाधीन आवास को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. जेडीयू ने संपत्ति की जांच की मांग उठाई है, जिस पर सरकार ने आवेदन मिलने पर जांच की बात कही. वहीं राजद ने इसे राजनीतिक साजिश और लालू फोबिया बताया है.
Lalu Yadav New House Controversy, केशव सुमन सिंह: नए साल की शुरुआत में ही राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं. पटना के कौटिल्य नगर में बन रहे उनके नए आवास को लेकर बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. जेडीयू के एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार की ओर से संपत्ति की जांच की मांग के बाद सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि औपचारिक आवेदन आता है, तो मामले की जांच कराई जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.
‘सादगी’ से ‘पॉश इलाके’ तक का सवाल
जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने लालू प्रसाद यादव पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि जो नेता कभी चपरासी के क्वार्टर में रहने की बात कहकर अपनी सादगी की मिसाल देते थे, आज वे पटना के सबसे पॉश इलाकों में भव्य आवास कैसे बनवा रहे हैं.
नीरज कुमार ने मांग की कि निर्माणाधीन आवास की जमीन के मालिकाना हक, निर्माण सामग्री के स्रोत और आय के साधनों की गहन जांच होनी चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह जमीन किसी राजनीतिक लाभ के बदले दान में मिली है या फिर पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया से खरीदी गई है.
सरकार का रुख: आवेदन आए तो होगी जांच
नीरज कुमार की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि जैसे ही इस मामले में उनके पास आवेदन आएगा, संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए जाएंगे. उन्होंने साफ कहा कि यह देखा जाएगा कि लालू प्रसाद यादव के पास जो भूमि है, वह कहां से और किस प्रक्रिया के तहत प्राप्त हुई है. सरकार के इस बयान ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी है.
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राजद का पलटवार: ‘लालू फोबिया’ का आरोप
जेडीयू और बीजेपी की जांच मांग पर राष्ट्रीय जनता दल ने भी तीखा पलटवार किया है. राजद के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने जेडीयू पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी पहले अपनी सरकार और संगठन को संभाले. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘खरमास के बाद क्या होगा, इसका कोई ठिकाना नहीं है.’ मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि जेडीयू और बीजेपी लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के ‘फोबिया’ से ग्रसित हैं.
राजद प्रवक्ता ने कहा कि जेडीयू ने जनता से किए गए वादे पूरे नहीं किए और अब अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मुद्दे उछाले जा रहे हैं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब दिल्ली से लेकर बिहार तक एनडीए की सरकार है, तो जांच से आखिर किसने रोका है?
सियासत बनाम विकास का सवाल
राजद ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि बिहार में विकास कार्यों पर बात करने के बजाय सत्ता पक्ष बेवजह ऐसे मुद्दे खड़े कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. जेडीयू का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं की संपत्ति पारदर्शी होनी चाहिए और सवाल उठना स्वाभाविक है.
अब देखना यह होगा कि जांच की मांग औपचारिक आवेदन तक पहुंचती है या यह मामला केवल सियासी बयानबाजी तक सीमित रह जाता है. फिलहाल, लालू यादव के नए आवास ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट जरूर पैदा कर दी है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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