कुढ़नी में शनिवार को थम जायेगा प्रचार का शोर, मतदाताओं तक पहुंचने के लिए दोनों गठबंधन ने लगायी पूरी ताकत

कुढ़नी के सामाजिक समीकरण के जानकार बताते हैं कि यहां अति पिछड़ों का एकमुश्त वाेट जिस ओर जायेगा जीत उसी की होगी. ऐसे में सभी पार्टियां ने समीकरण को देखते हुए अपने नेताओं को प्रचार के लिए मैदान में उतारा है.
पटना. कुढनी विधानसभा उप चुनाव के लिए शनिवार तीन दिसंबर को प्रचार का शोर थम जायेगा. पांच दिसंबर को मतदान की तारीख ज्यों ज्यों करीब आती जा रही है, महागठबंधन और भाजपा नेताओं का जमावड़ा बढ़ने लगा है. दोनों गठबंधन सामाजिक समीकरण साधने को जातिगत नेताओं की टोली खेत खलिहानों तक भेज चुके हैं. सुबह आठ बजे से देर शाम तक मतदाताओं को गोलबंद करने में सौ से अधिक नेताओं की टीम कुढ़नी के गांव-गांव तक फैल चुकी है. यहां महागठबंधन ने जदयू के मनोज कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है. वहीं भाजपा ने पिछले चुनाव में महज सात सौ मतों से पीछे रह गये केदार गुप्ता पर अपना दाव लगाया है. मुकाबले को रोचक बनाने में वीआइपी और ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार भी मैदान में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.
कुढ़नी के सामाजिक समीकरण के जानकार बताते हैं कि यहां अति पिछड़ों का एकमुश्त वाेट जिस ओर जायेगा, जीत उसी की होगी. ऐसे में महागठबंधन ने अति पिछड़ी जाति के नेताओं को गांव -गांव जाकर सरकार की योजनाओं की जानकारी देने और गोलबंद करने की जिम्मेवारी सौंपी है. महागठबंधन उम्मीदवार को राजद के यादव-मुस्लिम समीकरण के अलावा जदयू के अतिपिछड़ा-सवर्ण व अल्पसंख्यक मतदाताओं की तिकड़ी का भरोसा है. कुशवाहा मतदाताओं को लामबंद करने के लिए पार्टी नेता उपेंद्र कुशवाहा ने कई सभाएं की है.
वहीं भाजपा भी अतिपिछड़ों को अपने साथ मान कर चल रही है. सवर्ण जातियों में सबसे अधिक वोट भूमिहार मतदाताओं के हैं. जबकि दूसरे और तीसरे नंबर पर राजपूत और ब्राह्मण मतदाता हैं. कायस्थ मतदाताओं की संख्या करीब आठ हजार की है. भूमिहार मतदाताओं को रिझाने के लिए जदयू और भाजपा के नेता लगातार उन गांवों में कैंप कर रहे हैं, जहां उनकी आबादी अधिक है.
महागठबंधन में सवर्ण जाति के दूसरे मतदाताओं को गोलबंद करने के लिए उपाध्यक्ष संजय सिंह, मंत्री लेशी सिंह, पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह, पूर्व विधायक अशोक सिंह और अरविंद सिंह व ओमप्रकाश सेतु की टीम कैंप कर रही है. जल संसाधन मंत्री संजय झा ने भी कुढनी में प्रचार किया है. वहीं कायस्थ मतदाताओं के पक्ष में पूर्व एमएलसी रणवीर नंदन और संजय वर्मा ने मतदाताओं से संपर्क साधा है. इसी प्रकार अल्पसंख्यक मतदाताओं के लिए भी बनी टीम सक्रिय है.
इसी तरह भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में प्रदेश महामंत्री व एमएलसी देवेश कुमार ने कुढ़नी में कैंप किया है. भाजपा के दिग्गज नेताओं की वहां चुनावी सभाएं हुई है. आखिरी दो दिन शुक्रवार और शनिवार को पार्टी धुआंधार प्रचार करने वाली है. भाजपा ने सामाजिक समीकरण को साधने के लिए भी अपनी टीम को मैदान में उतारा है. कुशवाहा मतदाताओं के बीच सम्राट चौधरी को भेजा गया है. वीआइपी ने भूमिहार बिरादरी से अपना उम्मीदवार दिया है. उसे सवर्ण मतदाताओं के साथ मल्लाह वोटरों के समर्थन की उम्मीद है. वहीं ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार को अल्पसंख्यक मतदाताओं का भरोसा है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और मंत्री विजय कुमार चौधरी शुक्रवार को कुढ़नी विधानसभा के उपचुनाव में महागठबंधन प्रत्याशी मनोज कुशवाहा के पक्ष में प्रचार करेंगे. इसके लिए वे सभी सड़क मार्ग से चुनाव प्रचार में शामिल होंगे. साथ ही अपराह्न दो बजे तीनों नेताओं की संयुक्त सभा बुनियादी विद्यालय, केरमाडीह के खेल मैदान में होगी. यह जानकारी गुरुवार को जदयू प्रदेश मुख्यालय प्रभारी सह प्रदेश महासचिव मृत्युंजय प्रसाद सिंह ने दी.
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