Kameshwar Chaupal: कामेश्वर चौपाल ने बीजेपी के लिए छोड़ दिया था VHP, चुनाव भी लड़े, जानें राजनितिक सफर के बारे में
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 07 Feb 2025 11:55 AM
कामेश्वर चौपाल
Kameshwar Chaupal Political Carrier: राम मंदिर निर्माण में पहली ईंट रखने वाले, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल का निधन हो गया. आइये इनकी राजनितिक यात्रा के बारे में जानते हैं.
Kameshwar Chaupal Political Carrier: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल का शुक्रवार को निधन हो गया. वो लंबे समय से बीमार थे और सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे. कामेश्वर चौपाल ने राम मंदिर निर्माण में पहली ईंट रखी थी. संघ ने उन्हें प्रथम कार सेवक का दर्जा भी दिया था. भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को की गई थी, लेकिन राम मंदिर आंदोलन में 9 नवंबर 1989 को पहली आधारशीला रखने वाले कामेश्वर चौपाल ही थे. उस समय वे विश्व हिंदू परिषद के स्वयंसेवक भी थे. राम मंदिर आंदोलन में कामेश्वर चौपाल की महत्वपूर्ण भूमिका थी. उनकी अहम भूमिका देखते हुए ही उन्हें आधारशीला रखने के लिए चुना गया था.
कैसा रही राजनितिक यात्रा
कामेश्वर चौपाल की राजनीतिक यात्रा की बात करें, तो उन्होंने 1991 में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी. भाजपा में शामिल होने के लिए उन्होंने विश्व हिंदू परिषद छोड़ दिया था. पार्टी ने उन्हें चुनावी मैदान में भी उतारा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. पार्टी ने उन्हें रोसड़ा लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. इसके बाद 1995 में उन्हें बिहार की बेगूसराय सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और उन्हें यहां भी हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 2002 में उन्हें बिहार विधान परिषद का सदस्य भी बनाया गया था.
2014 तक वे बिहार विधान परिषद के सदस्य भी रहे. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने सुपौल सीट से चुनावी मैदान में उतारा, लेकिन इस बार भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा. 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान उप-मुख्यमंत्री पद के लिए भी उनका नाम की खूब चर्चा देखने को मिली थी. 2002 से 2014 तक वे राज्यसभा सदस्य रहे. कामेश्वर चौपाल 1982 में विश्व हिंदू परिषद के सदस्य बने थे. 1989 में उन्हें पहली बार राज्य प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई. चौपाल ने जेएन कॉलेज मधुबनी से ग्रेजुएशन किया था और 1995 में मिथिला विश्वविद्यालय से एमए की डिग्री हासिल की.
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सीएम नीतीश कुमार ने जताया शोक
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व विधान पार्षद कामेश्वर चौपाल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि वे एक कुशल राजनेता एवं समाजसेवी थे. स्व० कामेश्वर चौपल राम जन्म भूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी भी थे. उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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