बिहार में नाबालिग वाहन चलाते पकड़े गए तो पैरेंट्स को होगी जेल, स्कूल-कॉलेज समेत इन जगहों पर चलेगा महा अभियान

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AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार में जून से नाबालिगों के वाहन चलाने पर बड़ा अभियान शुरू होगा. स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और बाजारों में विशेष टीम जांच करेगी. नाबालिग गाड़ी चलाते पकड़े गए तो 25 हजार जुर्माना और अभिभावकों को जेल तक हो सकती है.

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Bihar News: (प्रहलाद कुमार, पटना) बिहार में अब नाबालिगों के गाड़ी चलाने पर सख्ती बढ़ाई जाएगी. परिवहन विभाग ने जून महीने से पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है. इसके लिए सभी जिलों के डीटीओ को निर्देश भेज दिए गए हैं.

इस अभियान के तहत स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, मॉल और भीड़भाड़ वाले बाजारों में विशेष टीम तैनात की जाएगी. ये टीमें बाइक, स्कूटी और कार चलाने वाले नाबालिगों की जांच करेंगी. अगर कोई बच्चा कम उम्र में वाहन चलाते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

अभिभावकों पर भी होगी कार्रवाई

परिवहन विभाग ने साफ किया है कि केवल नाबालिग ही नहीं, उनके माता-पिता भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे. अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाते पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा तीन महीने तक की जेल की सजा का भी प्रावधान है.

विभाग का कहना है कि कई बार माता-पिता खुद बच्चों को बाइक या कार चलाने देते हैं. इससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए अब अभिभावकों को भी जिम्मेदार माना जाएगा.

सड़क हादसों में बढ़ रही युवाओं की संख्या

विभागीय समीक्षा में पता चला है कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वालों में सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की है. इनमें बड़ी संख्या नाबालिग वाहन चालकों की भी है. अधिकारियों का कहना है कि कम उम्र में गाड़ी चलाने वाले बच्चे ट्रैफिक नियमों को ठीक से नहीं समझते. तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसे बढ़ रहे हैं.

ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना

परिवहन विभाग ने बताया कि मोटर वाहन कानून में बदलाव के बाद नियम तोड़ने वालों पर पहले से ज्यादा सख्ती की जा रही है. हेलमेट नहीं पहनने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने और तेज रफ्तार में वाहन चलाने पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है. विभाग का कहना है कि इस अभियान का मकसद लोगों में जागरूकता बढ़ाना और सड़क हादसों को कम करना है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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