जीतन राम मांझी ने बताया संतोष सुमन क्यों होंगे उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी, बेटे की परवरिश पर भी किए कई खुलासे

Published by :Abhinandan Pandey
Published at :26 Apr 2026 9:09 PM (IST)
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jitan ram manjhi on santosh suman

संतोष सुमन के साथ जीतन राम मांझी

Jitan Ram Manjhi: गया में एक कार्यक्रम के दौरान जीतन राम मांझी ने भावुक बयान दिया. उन्होंने कहा कि बेटे संतोष कुमार सुमन जब आठ महीने के थे तभी उनकी मां गुजर गईं थीं. उसी समय मैं संकल्प लिया था कि यही बेटा मेरा राजनीतिक और पारिवारिक उत्तराधिकारी बनेगा.

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Jitan Ram Manjhi: बिहार के गया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने निजी जीवन से जुड़ा एक अहम और भावुक पहलू शेयर किया. उन्होंने बेटे संतोष कुमार सुमन की परवरिश को लेकर कई खुलासे किए. मांझी ने ये भी बताया कि संतोष सुमन ही उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी बनेंगे.

8 महीने की उम्र में मां को खोया, परिवार ने संभाला

मांझी ने भावुक होते हुए बताया कि जब संतोष महज 8 महीने के थे, तभी उनकी मां का निधन हो गया था. इतने कठिन समय में परिवार ने मिलकर उनका पालन-पोषण किया. उन्होंने कहा कि संतोष की चाची ने अपने दूध से उनका लालन-पालन किया, जो परिवार के त्याग और अपनापन का बड़ा उदाहरण है.

बेहतर शिक्षा और परवरिश पर दिया जोर

उन्होंने बताया कि उनके भाई, जो पेशे से इंस्पेक्टर थे, ने संतोष को अच्छी शिक्षा दिलाने में अहम भूमिका निभाई. संतोष की पढ़ाई एक अच्छे स्कूल में कराई गई, ताकि उनका भविष्य मजबूत बन सके. मांझी ने कहा कि उन्होंने हमेशा संतोष को अपने बेटे की तरह ही देखा और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए काम किया.

मांझी ने समाज में सौतेले रिश्तों को लेकर बनी नकारात्मक सोच पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि आमतौर पर सौतेले रिश्तों को गलत नजर से देखा जाता है, लेकिन उन्होंने इस सोच को बदलने की कोशिश की. उन्होंने संतोष को अनुशासन में रखा और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

जीतन राम मांझी ने लिया था संकल्प

केंद्रीय मंत्री ने गर्व के साथ कहा कि संतोष कुमार सुमन ही मेरे राजनीतिक उत्तराधिकारी बनेंगे. वे अपने संघर्ष और मेहनत के बदौलत आज मंत्री पद तक पहुंच चुके हैं. उन्होंने जोर देकर कहा उसी पारिवारिक त्याग का नतीजा है कि आज वह जिम्मेदार बेटे और राजनेता के रूप में देश और समाज की सेवा कर रहा है. मांझी ने आगे बताया कि जब संतोष की मां गुजरीं थीं, उसी वक्त उन्होंने मन में दृढ़ संकल्प लिया था कि यही बेटा उनका राजनीतिक और पारिवारिक उत्तराधिकारी बनेगा.

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अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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