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कैंपस : आइआइटी पटना में सीट पाने के बावजूद तंगी के कारण चरा रही थीं बकरियां, अब संस्थान ने सभी फीस माफ की

Updated at : 25 Jul 2024 8:13 PM (IST)
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कैंपस : आइआइटी पटना में सीट पाने के बावजूद तंगी के कारण चरा रही थीं बकरियां, अब संस्थान ने सभी फीस माफ की

आइआइटी पटना में एडमिशन सेक्योर करने के बाद तंगी के कारण फीस जमा करने में असमर्थ तेलंगाना की मधुलता को बड़ी राहत मिली है. आइआइटी पटना अब उसे निशुल्क पढ़ायेगा. तेलंगाना सरकार ने भी मदद की है.

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29 जुलाई को आइआइटी पटना मधुलता व उनके परिवार का करेगा स्वागत संवाददाता, पटना : तेलंगाना के राजन्ना सिरसिला जिले की रहने वाली बदावथ मधुलता ने इस साल जेइइ एडवांस्ड में एसटी कैटेगरी में 824वां रैंक हासिल किया और आइआइटी, पटना में जगह बनायी है. उनका परिवार इंजीनियरिंग फिजिक्स में बीटेक करने के लिए ट्यूशन और अन्य खर्च के लिए आवश्यक 2.5 लाख रुपये नहीं जुटा सका. खेतिहर मजदूर की बेटी मधुलता ने एडमिशन सुनिश्चित करने के लिए केवल 17,500 रुपये का भुगतान किया था. लेकिन आर्थिक तंगी और पिता की बीमारी के कारण अतिरिक्त 2.51 लाख रुपये का भुगतान नहीं कर सकीं. इसके लिए आइआइटी, पटना ने 27 जुलाई तक फीस जमा करने का मौका दिया था. लेकिन अब आइआइटी, पटना उससे कोई भी शुल्क नहीं लेगा. यह फैसला आइआइटी, पटना ने लिया है. निदेशक प्रो टीएन सिंह ने कहा कि पहले भी आइआइटी, पटना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों की मदद करता रहा है. मधुलता को केवल पढ़ाई पर ध्यान देना है.

घर चलाने के लिए चरा रही थीं बकरियां

दरअसल, परिवार के भरण-पोषण करने के लिए मधुलता को गांव में बकरियां चरानी पड़ती हैं. उनकी यह स्थिति तब सामने आयी, जब ट्राइबल वेलफेयर जूनियर कॉलेज की फैकल्टी ने 27 जुलाई को फीस भुगतान की आखिरी तारीख नजदीक आने पर मदद की अपील की. इसी कॉलेज से उन्होंने अपनी 12वीं कक्षा पूरी की. इसके बाद आइआइटी, पटना ने आर्थिक मदद करने का भरोसा दिया और मधुलता के परिवार से बात की.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने भी सहायता की घोषणा की

दूसरी ओर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मधुलता को वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रतिष्ठित संस्थान में सीट हासिल करने पर बधाई दी. उन्होंने एक्स पर घोषणा की कि आदिवासी कल्याण विभाग ने उसकी शिक्षा के लिए आवश्यक राशि जारी कर दी है. मधुलता एकेडमिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहेंगी और तेलंगाना का गौरव बढ़ायेंगी. आदिवासी कल्याण आयुक्त के आदेश के अनुसार, मधुलता ने दो लाख 51 हजार 831 रुपये की मदद मांगी थी. हॉस्टल फीस, जिमखाना, ट्रांसपोर्ट, मेस फीस, लैपटॉप और अन्य फीस के लिए एक लाख 51 हजार 831 रुपये दिये गये हैं.

29 जुलाई को परिसर में होगा स्वागत

आइआइटी पटना के डीन एकेडमिक्स और प्रशासन प्रो एके ठाकुर ने कहा कि मधुलता की उपलब्धि उनके समर्पण और शैक्षिक प्रतिभा का प्रतिबिंब है और हम उनकी व्यवस्थित शिक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि उन्हें आइआइटी पटना में आने वाले समय में हर प्रकार का अवसर मिले. अधिकारियों ने मधुलता और उनके परिवार से इंस्टीट्यूट में आने को लेकर विस्तृत चर्चा की है. उनका 29 जुलाई को आइआइटी पटना के प्रांगण में शामिल होने का कार्यक्रम है, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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