बिहार की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जारी रहेगा हाइ अलर्ट

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बिहार की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जारी रहेगा हाइ अलर्ट

भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष विराम (सीजफायर) के बाद केंद्रीय एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क अब भारत में अराजक तत्वों की घुसपैठ के लिए नेपाल सीमा का इस्तेमाल कर सकते हैं.

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डीजीपी ने सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी दिया निर्देश संवाददाता, पटना भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष विराम (सीजफायर) के बाद केंद्रीय एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क अब भारत में अराजक तत्वों की घुसपैठ के लिए नेपाल सीमा का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस इनपुट के बाद बिहार के नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों में हाइ अलर्ट जारी कर दिया गया है. गृह मंत्रालय ने शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को बिहार सहित देश के अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले राज्यों के गृह सचिवों के साथ बैठक की. राज्यों को सतर्क करते हुए विशेष निगरानी और नागरिक सुरक्षा उपायों को तत्काल लागू करने का निर्देश दिया है. चेताया है कि नेपाल की अस्थिरता और सीमाई इलाकों की संवेदनशीलता को देखते हुए पूर्वी बिहार स्लीपर सेल के लिए ‘सॉफ्ट इंट्री जोन’ बन सकता है. ऐसे में निगरानी में एक पल की चूक भी भारी पड़ सकती है.डीजीपी विनय कुमार ने सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी को कड़े निर्देश दिये हैं कि निगरानी में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सभी थाना क्षेत्रों में रात्रिकालीन गश्त, संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग, किरायेदार सत्यापन और होटल- लॉज की निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए. नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने भी ग्रामरक्षा दल, स्वयंसेवकों और गृहरक्षा वाहिनी को सतर्क रहने के निर्देश दिये हैं. सीमावर्ती थानों से हर दिन सुबह तक एक्शन रिपोर्ट भेजने को कहा गया है. राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कहीं से लापरवाही की सूचना मिली तो संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जायेगी. राज्य पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने हाल के दिनों में स्लीपर सेल मॉड्यूल की गतिविधियों में हरकत के संकेत दिए हैं. विशेष रूप से किशनगंज, अररिया और पूर्वी चंपारण ज़िले को संवेदनशील माना गया है. नेपाल के वीरगंज, विराटनगर और जनकपुर से जुड़े मार्गों पर सीमा सुरक्षा बल, बिहार पुलिस और खुफिया इकाइयों की संयुक्त तैनाती पहले से है. सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान स्थित एजेंसियां नेपाल के रास्ते आतंकियों की घुसपैठ कराकर पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में स्लीपर सेल को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर सकती हैं.

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