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पटना में यहां बन रहा था भारतीय सेना का नकली मोहर, मिलिट्री इंटेलिजेंस ने एक शख्स को गिरफ्तार कर किया बड़ा खुलासा

Updated at : 17 Jun 2025 10:35 AM (IST)
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Patna News

Patna News (सांकेतिक)

Patna News: पटना में मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में फर्जी रबर मोहरों के ज़रिए चल रहे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. सेना, बैंक और सरकारी विभागों की 100 से ज्यादा नकली मुहरें बरामद की गई हैं.

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Patna News: पटना के दानापुर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मिलिट्री इंटेलिजेंस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक दुकान से देश की सुरक्षा से जुड़ी फर्जी रबर स्टांप फैक्ट्री का पर्दाफाश किया. एमके मार्केट स्थित इस दुकान से सेना, अर्धसैनिक बलों, बैंकों, स्कूलों और सरकारी विभागों की 100 से ज्यादा नकली रबर स्टांप जब्त की गईं. आरोपी रविंद्र जीत वडेरा को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है, जो बिना लाइसेंस के यह खतरनाक काम कर रहा था.

छह महीने से थी मिलिट्री इंटेलिजेंस की नजर

दानापुर थाना अध्यक्ष पीके भारद्वाज ने बताया कि आरोपी रविंद्र पिछले छह महीने से खुफिया एजेंसियों के रडार पर था. मिलिट्री इंटेलिजेंस (लखनऊ यूनिट) को जैसे ही पुख्ता जानकारी मिली, स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर रेड की गई. इस छापेमारी में बरामद 20 से ज्यादा मिलिट्री स्टांप को लेकर सुरक्षा एजेंसियां गंभीर चिंता में हैं.

मुहरें जो देशद्रोह का हथियार बन सकती थीं

जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र, सैन्य दस्तावेजों और बैंक फॉर्म तैयार करने के लिए किसी भी नाम की स्टांप बना देता था. यह गिरोह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद देशविरोधी ताकतों को सूचनाएं पहुंचाने या फर्जी भर्ती घोटाले में भी शामिल हो सकता है, ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

बिना लाइसेंस के ही संचालित हो रहा था ये धंधा

सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन है कि रबर स्टांप बनाने के लिए वैध लाइसेंस जरूरी है, लेकिन रविंद्र के पास कोई अनुमति पत्र नहीं था. वह खुलकर किसी भी संगठन के नाम की स्टांप बना रहा था बिना यह सोचे कि यह छोटे-से कारोबार की आड़ में राष्ट्रीय सुरक्षा को दांव पर लगाने जैसा है.

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पूछताछ में और भी बड़े नामों का खुलासा संभव

पुलिस अधिकारी का कहना है कि रविंद्र से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसने स्टांप ऑर्डर पर किसी को भी बेचने की बात कबूल की है. आगे की जांच में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, बैंक फ्रॉड और अन्य जालसाजी से जुड़े कई मामलों के खुलासे की संभावना है.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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