ePaper

बिहार में बालू माफियाओं के खिलाफ EOU का एक्शन, भोजपुर में छापेमारी, ड्रोन और GPS से हुआ वेरिफिकेशन

Updated at : 21 Jun 2025 8:57 PM (IST)
विज्ञापन
बिहार में बालू माफियाओं के खिलाफ EOU का एक्शन, भोजपुर में छापेमारी, ड्रोन और GPS से हुआ वेरिफिकेशन

EOU Action Against Sand Mafia: EOU ने शनिवार को आधिकारिक रूप ये जानकारी देते हुए बताया कि बिहार में बाढ़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने पंद्रह जून 2025 से सभी प्रकार के बालू उत्खनन पर को पूर्ण प्रतिबंधित किया गया है. कुछ लोग बालू भंडारण के नाम पर चोरी-छिपे बालू की खुदाई करते हैं या तय सीमा से ज्यादा बालू जमा करके सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं.

विज्ञापन

EOU Action Against Sand Mafia, अनुज शर्मा, पटना: रोक के बाद भी अवैध खनन की शिकायत मिलने पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अलग से कोषांग बनाकर बालू माफियाओं पर कार्रवाई शुरू कर दी है. भोजपुर में छापेमारी कर राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की गयी है. जिले में पुराने और सक्रिय बालू माफियाओं एवं असामाजिक तत्वों की सूची तैयार कर उनकी भी जांच की जा रही है. उनके पुराने मामलों की फाइलें खोल दी गयी हैं. ड्रोन और जीपीएस तकनीक से बालू के भंडारण स्थलों का वेरिफिकेशन भी किया.

बनाई गई विशेष टीम

खनन विभाग, बिहार से यह जानकारी ली गई है कि राज्य में कितने लोगों या कंपनियों को बालू भंडारण की अनुमति दी गई है और कितनों को इसके लिए लाइसेंस जारी किया गया है. इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध इकाई ने एक विशेष टीम बनाई है, जिसका नेतृत्व इकाई के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार कर रहे हैं.

इस अभियान के पहले चरण में 20 और 21 जून 2025 की रात, भोजपुर जिले में आर्थिक अपराध इकाई, जिला प्रशासन और जिला पुलिस की संयुक्त टीमों ने एक साथ छापेमारी की. इस दल का नेतृत्व संयुक्त रूप से भोजपुर के जिलाधिकारी, भोजपुर के पुलिस अधीक्षक और आर्थिक अपराध इकाई के पुलिस अधीक्षक बिहार ने किया.

कैसे हुआ वेरिफिकेशन

इन दलों द्वारा कुल चार बालू भंडारण स्थलों और बालू के खनन पट्टों का औचक निरीक्षण किया गया. साथ ही पुराने आरोप पत्रित बालू माफियाओं की वर्तमान गतिविधियों का भी वेरिफिकेशन करवाया गया. भोजपुर के जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जीपीएस तकनीक का प्रयोग किया गया. इसके माध्यम से सभी लाइसेंस प्राप्त खनन स्थलों और भंडारण स्थलों का जियो-रेफरेंसिंग के जरिए सत्यापन किया गया.

दो विभागों से लिया जायेगा सहयोग

खनन विभाग के सहयोग से सभी भंडारण स्थलों की क्षमता का भी मूल्यांकन किया गया. इसके लिए नवीनतम ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इओयू के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि भोजपुर जिले के उन बालू माफियाओं और असामाजिक तत्वों की सूची भी तैयार की गई है. ये लोग पहले अवैध बालू कारोबार में संलिप्त रहे हैं.

इस सूची का इन टीमों द्वारा सत्यापन किया गया. यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. आगे के चरणों में अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी. इसमें संबंधित जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और खनन विभाग का सहयोग लिया जाएगा. इन सभी कार्रवाइयों का नेतृत्व आर्थिक अपराध इकाई बिहार पटना द्वारा किया जाएगा.

इसे भी पढ़ें:  बिहार में स्कूलों का समय बदला, 23 जून से नया टाइम टेबल, जानें कितने बजे शुरू होगी क्लास

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन