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कहीं दीवार फांदते छात्र,कहीं फूलों से स्वागत ,सख्ती और उत्साह के बीच शुरू हुई मैट्रिक परीक्षा

Updated at : 17 Feb 2026 12:47 PM (IST)
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Bihar Board Matric Exam 2026

Bihar Board Matric Exam 2026

Bihar Board Matric Exam 2026: सख्त सुरक्षा, बंद गेट, ट्रैफिक कंट्रोल, तलाशी… फिर भी परीक्षा का माहौल सिर्फ अनुशासन का नहीं, उत्साह का भी दिखा. कहीं छात्र देर से पहुंचकर दीवार फांदने की कोशिश करते दिखे, तो कहीं गुलाब देकर उनका स्वागत हुआ, कहीं कालीन बिछाकर परीक्षा के तनावपूर्ण माहौल सकारात्मक बनाया गया.

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Bihar Board Matric Exam 2026: बिहार बोर्ड द्वारा आयोजित मैट्रिक परीक्षा 2026 आज पूरे Bihar में शुरू हो गई, जिसमें 15 लाख से अधिक परीक्षार्थी 1,699 केंद्रों पर परीक्षा दे रहे हैं.

आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष लगभग 7.85 लाख छात्राएं और 7.26 लाख छात्र परीक्षा दे रहे हैं . परीक्षा 25 फरवरी तक चलेगी. पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:00 बजे से आयोजित की जा रही है. परीक्षा को लेकर छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों और प्रशासन में भी सतर्कता और तैयारी साफ दिख रही है.

समय से पहले पहुंचना अनिवार्य

बोर्ड ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंचना होगा. मुख्य गेट परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा. देर से पहुंचने वाले छात्रों को किसी भी परिस्थिति में अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.

पटना के miller high school में गेट बंद होने के बाद एक छात्र दीवार फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करता दिखा

मिलर हाई स्कूल, पटना में एक छात्र परीक्षा केंद्र का गेट बंद होने पर 10 फिट ऊंची बाउंडी पर चढ़कर सेंटर के अंदर कूदता हुआ देखा गया.

इस बार बोर्ड ने अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल एडमिट कार्ड और पेन ही ले जाने की अनुमति होगी. मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है.

हर केंद्र पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती

परीक्षा को नकल से मुक्त बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारी इस बार काफी सख्त दिखाई दे रही है. सभी जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को परीक्षा की निगरानी का जिम्मा दिया गया है. प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और निगरानी व्यवस्था मौजूद है.

दो स्तरों पर तलाशी की व्यवस्था की गई है. पहली जांच मुख्य द्वार पर और दूसरी परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले की जा रही है. किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल की कोशिश पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है.

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में व्यवधान डालने, अवैध प्रवेश करने या नकल करते पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज होगी और परीक्षार्थी को दो वर्षों तक परीक्षा से निष्कासित किया जा सकता है.

भागलपुर में गुलाब और तिलक से हुआ स्वागत

भागलपुर जिले में मैट्रिक परीक्षा की शुरुआत सकारात्मक माहौल में हुई. यहां कुल 61 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 46 हजार परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं.

इस बार जिले के चार केंद्रों को आदर्श परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है. इन केंद्रों पर छात्रों का स्वागत शिक्षकों द्वारा गुलाब का फूल देकर और तिलक लगाकर किया गया. इस पहल ने परीक्षार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाए.

Bhagalpur में परीक्षा का माहौल सकारात्मक दिखा, जहां शिक्षकों ने छात्रों का गुलाब का फूल देकर और तिलक लगाकर स्वागत किया,

छात्रों ने बताया कि इस तरह के स्वागत से उनका तनाव कम हुआ और वे परीक्षा देने के लिए अधिक सकारात्मक महसूस कर रहे हैं. कई छात्रों ने कहा कि वे पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दे रहे हैं और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं.

शेखपुरा में मॉडल केंद्रों पर विशेष व्यवस्था

शेखपुरा जिले में मैट्रिक परीक्षा के लिए कुल 14 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें चार मॉडल केंद्र शामिल हैं. इन केंद्रों पर परीक्षार्थियों के स्वागत के लिए कालीन बिछाए गए हैं और पेयजल सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है.

Sheikhpura में परीक्षा केंद्र के बाहर छात्राएं एडमिट कार्ड हाथ में लिए समय से पहले पहुंच गईं और गेट खुलने का इंतजार करती नजर आईं,

जिले में कुल 12,282 छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं. इनमें 6,078 छात्र और 6,204 छात्राएं शामिल हैं. गहरी जांच के बाद ही छात्रों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है. प्रशासन ने बताया कि सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, पुलिस बल और निरीक्षण टीम तैनात की गई है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके.

नियम सबके लिए बराबर छात्र तो समय पर पहुंचे, पर मैडम की छूट गई ड्यूटी

मुजफ्फरपुर के चैपमैन स्कूलपरीक्षा केंद्र पर अनुशासन की सख्ती का अनोखा उदाहरण देखने को मिला. सुबह 9 बजे गेट बंद होते ही ड्यूटी पर तैनात शिक्षिका को भी अंदर प्रवेश नहीं मिला.

मैडम की छूट गई ड्यूटी,मुजफ्फरपुर के चैपमैन स्कूल

आमतौर पर देर से आने वाले छात्र बाहर रह जाते थे, लेकिन इस बार नियम सबके लिए बराबर साबित हुआ और शिक्षिका ही केंद्र के बाहर रह गईं.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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