पटना हॉस्टल कांड: CBI की पूछताछ में खुलासा, पूर्व थानेदार के बयान से नहीं मैच किया दारोगा का जवाब
सीबीआई की टीम
Patna NEET Student Case: पटना में नीट छात्रा की मौत मामले में सीबीआई की टीम ने चित्रगुप्त नगर थाने की थानेदार रीना कुमारी से घंटों पूछताछ की. इस दौरान चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पहले के थानेदार के बयान से दारोगा का जवाब मैच नहीं हो पाया है.
Patna NEET Student Case: नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई तेजी से जांच-पड़ताल में जुटी है. आज टीम घटना को लेकर जिन भी डॉक्टर के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ कर सकती है. इससे पहले सोमवार को चित्रगुप्त नगर थाने में तैनात दारोगा रीना कुमारी से कई घंटे पूछताछ की गई थी. इस दौरान वह कई जरूरी सवालों पर अटकती नजर आईं.
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दारोगा रीना कुमारी का नहीं मैच किया जवाब
सूत्रों के अनुसार सीबीआई के सामने दारोगा रीना कुमारी ने कई सवालों का जो जवाब दिया, वह पहले हुई पूछताछ के दौरान तत्कालीन थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी और एसडीपीओ सचिवालय अन्नू के बयानों से पूरी तरह मेल नहीं खाता है. खासकर घटना की सूचना मिलने का समय, मौके पर पुलिस की सक्रियता, छात्रा की वास्तविक स्थिति, अस्पताल ले जाने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया और शुरुआती जांच में कौन-कौन से कदम उठाये गए, इन एंगल पर जवाब में अंतर रहा.
सीबीआई को क्या थी आशंका?
सूत्र की माने तो, कुछ सवालों पर दारोगा के जवाब पहले से दर्ज पुलिस डॉक्यूमेंट्स और वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों से भी टकराते दिखे. सीबीआई को आशंका है कि शुरुआती जांच के दौरान घटनाक्रम को लेकर न तो स्पष्टता बरती गई और न ही एकरूप फैक्ट्स रिकॉर्ड पर लाए गए. अब एजेंसी अलग-अलग स्तर के पुलिस अधिकारियों से पूछताछ में जुटी है.
इनसे भी हो सकती है पूछताछ
सीबीआई का फोकस अब शुरुआती पुलिस कार्रवाई, निर्णय प्रक्रिया और जांच के दौरान हुई संभावित चूकों पर सेंट्रलाइज हो गया है. एजेंसी दस्तावेजी साक्ष्यों को क्रॉस चेक कर रही है. सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में पटना पुलिस की एसआईटी के काम की निगरानी कर रहे आईजी सेंट्रल रेंज और एसएसपी पटना से भी पूछताछ की जा सकती है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में सीबीआई नोटिस जारी कर उन्हें तलब भी कर सकती है.
निदेशक राजीव रंजन ने क्या बताया?
सीबीआई के बिहार-झारखंड के संयुक्त निदेशक राजीव रंजन ने बताया कि इस केस की आईओ रही बिहार पुलिस के अधिकारी से पूछताछ और केस डायरी की स्टडी और एनालिसिस किया जा रहा है. बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने पटना के एसएसपी को नोटिस जारी कर दो महीने में डिटेल रिपोर्ट तलब की है. आयोग ने एसएसपी को आठ सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. याचिका पर अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी.
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