पटना जिले में बालू घाटों की पांच साल के लिए होगी ई-नीलामी, इस महीने तक ही कर सकेंगे खनन
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 May 2025 9:13 PM
Patna Sand News
Patna Sand Ghats E-auction: नीलामी के लिए चिन्हित घाटों को पहले ही सिया से पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है. पटना जिला की सर्वेक्षण रिपोर्ट में भी इन घाटों का जिक्र किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार बालू घाटों को पांच एकड़ के छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित किया गया है ताकि छोटे निवेशकों को भी अवसर मिल सके.
Patna Sand Ghats E-auction: पटना जिले की चार प्रमुख नदियों- गंगा, सोन, पुनपुन और दरधा नदी के बालू घाटों की अगले पांच वर्षों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पटना खनन एवं भूतत्व विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि इस बार करीब 148 बालू घाटों की नीलामी की जाएगी. इसमें पीला और सफेद बालू शामिल हैं. इस पहल का उद्देश्य निर्माण कार्यों के लिए सुलभ दर पर बालू उपलब्ध कराना और राजस्व में बढ़ोतरी करना है.
जानें महत्वपूर्ण तिथि
ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत बोली लगाने वाले 15 मई से सुबह 11 बजे से निविदा दस्तावेज ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए पूरी जानकारी पटना जिला की आधिकारिक वेबसाइट patna.nic.in पर उपलब्ध है. निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 12 जून शाम चार बजे तक र्धारित की गई है. इसके बाद सफल बोली लगाने वाले नवंबर 2025 तक बालू खनन शुरू कर सकेंगे.
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अवैध खनन पर लगेगा लगाम
इस प्रक्रिया में गंगा और सोन नदी के बालू घाट प्रमुखता से शामिल हैं, जबकि पुनपुन और दरधा नदियों के कुछ घाटों की नीलामी पूर्व में हो चुकी है. अब शेष बचे घाटों को भी नीलामी के दायरे में लाया गया है. इससे निर्माण उद्योग को स्थिर आपूर्ति मिलने के साथ-साथ अवैध खनन पर भी लगाम लगाने की उम्मीद है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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