ePaper

5500 करोड़ की लागत से होगा दीघा से कोइलवर फोरलेन निर्माण, मॉडल तय, 4 साल में पूरा होगा काम

Updated at : 17 Jun 2025 6:33 PM (IST)
विज्ञापन
Digha to Coilwar Four Lane

Digha to Coilwar Four Lane

Digha to Coilwar Four Lane: बिहार में दीघा से कोइलवर तक 35 किमी लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण हाइब्रिड एनवीटि मॉडल पर किया जाएगा. 5500 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना राज्य की पहली ऐसी योजना है, जिसमें निर्माण के साथ 15 वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी निजी एजेंसी की होगी.

विज्ञापन

Digha to Coilwar Four Lane, कृष्ण कुमार, पटना: केंद्र की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप राज्य में पहली परियोजना के तौर पर जेपी गंगा पथ में दीघा से कोइलवर सड़क निर्माण हाइब्रिड एनवीटि मॉडल पर हाेगा. इसके तहत करीब 5500 करोड़ की लागत से करीब 35 किमी लंबाई में दीघा से कोइलवर तक फोरलेन सड़क बनेगी. इसमें करीब 18 किमी एलिवेटेड सड़क और शेष 17.65 किमी एटग्रेड सड़क होगी. इसे दानापुर और शाहपुर से जोड़ा जाएगा. पश्चिम में यह जेपी गंगा सेतु के पास दीघा में जुटेगा और कोइलवर के पास सोन नदी पर बने पुल से जुट जाएगा जिससे आरा से पटना तक की यात्रा सुगम हो जाएगी.

मॉडल के बारे में जानिए

सूत्रों के अनुसार राज्य में सड़क निर्माण में पीपीपी मॉडल से मिलता हुआ हाइब्रिड एनवीटि मॉडल लागू करने का मूल मकसद चार साल की तय समयसीमा में निर्माण पूरा करना है. साथ ही निर्माण के बाद अगले 15 वर्षों के लिए सड़कों का रख-रखाव भी निर्माण एजेंसी द्वारा किया जायेगा.

चार वर्ष की निर्माण अवधि में सरकार के द्वारा कुल परियोजना लागत का मात्र 40 फीसदी भुगतान ही संवेदक को किया जाने का प्रावधान है. इसके अलावा शेष 60 फीसदी की राशि संवेदक के द्वारा निर्माण कार्य में लगायी जाएगी.

इस मॉडल के अंतर्गत संवेदक के द्वारा निर्माण के लिए निवेश किया जाएगा और 15 वर्षों तक निर्मित संरचना का रखरखाव किया जाएगा. इस 60 फीसदी का भुगतान अगले 15 वर्षों तक सरकार के द्वारा संवेदक को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा. सड़क का ऑपरेशन और रखरखाव संवेदक द्वारा किया जाएगा जिसके लिए सरकार अलग से राशि उपलब्ध कराएगी.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

मंत्री ने क्या बताया

इस संबंध में पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में राज्य में सड़क, पुल और एक्सप्रेस हाइवे के निर्माण के लिए हाइब्रिड एनवीटि मॉडल अपनाने की घोषणा की थी. अब इस मॉडल को जल्द ही कई प्रस्तावित एक्सप्रेसवे, प्रमुख नदियों पर पुल और सड़कों के निर्माण में लागू किया जायेगा.

इस मॉडल से सरकार द्वारा परियोजनाओं की बजट पर बोझ कम होगा. साथ ही इस बचत से कई अन्य प्रस्तावित संरचनाओं पर बची हुई राशि से काम शुरू हो सकेगा. इस मॉडल के अंतर्गत तकनीकी रूप से निविदा सफल घोषित होने पर निविदादाता को निम्नतम प्रोजेक्ट कॉस्ट के आधार पर संविदा दी जाएगी. पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि राज्य में 2047 तक विकसित बिहार के लक्ष्य के अनुरूप हाइब्रिड एनवीटि मॉडल पर काम शुरू होगा.

इसे भी पढ़ें: पूर्णिया-किशनगंज के रास्ते बिहार में मानसून की एंट्री, 18 जिलों में भयंकर बारिश का अलर्ट

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन