कैंसर के मरीजों में कोरोना का संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है

कीमोथैरेपी या रेडिएशन थैरेपी जैसे उपचारों के बाद कैंसर के मरीज काफी कमजोर हो जाते हैं. उनके अंदर रोग से लड़ने की क्षमता कम रहती है. ऐसे में अगर कोरोना हो तो सामान्य रोगियों की तुलना में मौत होने की संभावना ज्यादा रहती है.
पटना : बीते दिनों एनएमसीएच पटना में कोरोना से दो मौतें हुई. दोनों ही मौतों में एक बात काॅमन थी कि वे दोनों पहले से ही कैंसर के मरीज थें. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कैंसर के मरीजों को कोरोना होने पर जान जाने की संभावना ज्यादा होती है. डाॅक्टर बताते हैं कि कीमोथैरेपी या रेडिएशन थैरेपी जैसे उपचारों के बाद कैंसर के मरीज काफी कमजोर हो जाते हैं. उनके अंदर रोग से लड़ने की क्षमता कम रहती है. ऐसे में अगर कोरोना हो तो सामान्य रोगियों की तुलना में मौत होने की संभावना ज्यादा रहती है.
डाॅक्टर बताते हैं कि कैंसर के सेकेंड स्टेज के मरीजों को अगर कोरोना संक्रमण होता है तो उसके यह खतरनाक हो सकता है. चीन से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि जिन कैंसर मरीजों को कोविड 19 हुआ उनमें मौत का प्रतिशत 40 था. जबकि सामान्य मरीजों में यही प्रतिशत तीन के लगभग था. यूरोप और अमेरिका में भी कोरोना से मरने वालों में बड़ी संख्या कैंसर के मरीजों की है.पटना के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डाॅ वीपी सिंह बताते हैं कि कैंसर के मरीजों को अगर कोरोना होता है तो आम मरीजों की तुलना में मौत का प्रतिशत ज्यादा होता है.
कीमोथैरेपी के बाद न सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है बल्कि शरीर के विभिन्न अंग भी कमजोर हो चुके रहते हैं. ऐसे में कोरोना के तेजी से संक्रमण और मरने की आशंका ज्यादा होना स्वभाविक है. यही कारण है कि जिन मरीजों में अभी तुरंत कीमोथैरेपी की जरूरत नहीं है उन्हें अभी देने से हम परहेज कर रहे हैं. डाॅ सिंह कहते हैं कि विश्व भर के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना से हुई मौतों में 15 से 20 प्रतिशत कैंसर के मरीज होते हैं. ऐसे में कैंसर के मरीजों से मैं यहीं कहुंगा कि गैर जरूरी रूप से अपने घर के बाहर बिल्कुल नहीं निकलें. सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करें.
वहीं एनएमसीएच में कोरोना के नोडल पदाधिकारी डाॅ अजय कुमार कहते हैं कि कोरोना से जुड़ा अब तक का अनुभव बताता है कि अगर डायबिटिज, कैंसर या दूसरी गंभीर बीमारियों के मरीजों में संक्रमण होने पर मौत की आशंका ज्यादा रहती है. हमारे अस्पताल में भर्ती कोविड 19 के जिन दो मरीजों की मौत हुई उनमें कैंसर अपने अंतिम स्टेज में था. हालांकि ऐसा नहीं है कि कैंसर के सभी मरीज कोरोना होने पर मर ही जाते हैं. हमारे यहां से ही कई कैंसर के मरीज जिनमें कोरोना संक्रमण था वह ठीक होकर गये हैं. फिर भी कैंसर के मरीजों को अभी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
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By Pritish Sahay
12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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