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मानक कंपिटिशन एप पर 16 जनवरी तक अपलोड करने होंगे बच्चों के मॉडल व प्रोजेक्ट

Updated at : 01 Jan 2026 6:50 PM (IST)
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मानक कंपिटिशन एप पर 16 जनवरी तक अपलोड करने होंगे बच्चों के मॉडल व प्रोजेक्ट

इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना के तहत अब सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के नवाचारों को पहचान दिलाने की जिम्मेदारी सीधे स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों पर आ गयी है.

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-शिक्षकों पर नयी जिम्मेदारी, बच्चों के नवाचारों को मिलेगा मंचसंवाददाता, पटना

इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना के तहत अब सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के नवाचारों को पहचान दिलाने की जिम्मेदारी सीधे स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों पर आ गयी है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी स्कूल प्रमुखों को ‘मानक कंपिटिशन एप’ डाउनलोड कर उसमें चयनित विद्यार्थियों के मॉडल और प्रोजेक्ट अपडेट करने का निर्देश दिया है. इस पहल के साथ पहली बार बच्चों की सोच और प्रयोग सीधे एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होंगे, जहां से उनका राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता खुलेगा. फिलहाल जिला शिक्षा कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 और 2024-25 के कक्षा छठी से 12वीं तक के चयनित छात्रों के नवाचारों को अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा. निर्देश के अनुसार, शिक्षक बच्चों के प्रोजेक्ट से संबंधित फोटो, वीडियो और सिनोप्सिस तैयार कर एप पर अपलोड करेंगे. 16 जनवरी तक सभी प्रविष्टियां अपलोड करनी होंगी, जिसके बाद जिला स्तरीय मूल्यांकन किया जायेगा. इस बार बड़ी संख्या में प्रविष्टियां अपलोड होनी हैं. सत्र 2023-24 में छठी से 12वीं के 2076 विद्यार्थी और सत्र 2024-25 में छठी से 12वीं के 1988 विद्यार्थी की प्रविष्टियों अपलोड करना होगा. चयनित छात्रों को न सिर्फ मंच मिलेगा बल्कि उनके नवाचार को विशेषज्ञों के बीच प्रस्तुत करने का अवसर भी प्राप्त होगा.

ग्रामीण व संसाधनहीन स्कूलों के लिए चुनौती

इस प्रक्रिया ने जहां बच्चों के नवाचार को एक बेहतर मंच दिया है, वहीं कई स्कूलों के लिए यह तकनीकी चुनौती भी साबित हो सकती है. कई सरकारी स्कूलों में नेटवर्क, स्मार्टफोन उपलब्धता और तकनीकी समझ सीमित है. ऐसे में शिक्षकों को न सिर्फ एप चलाना सीखना होगा बल्कि समय सीमा में डाटा अपलोड भी सुनिश्चित करना होगा. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा संचालित यह योजना बच्चों में विज्ञान और नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से चलायी जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि पढ़ाई से इतर नवाचार की दुनिया से बच्चों को जोड़ने की जरूरत है क्योंकि विज्ञान और गणित के प्रति रुचि कम हो रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANURAG PRADHAN

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By ANURAG PRADHAN

ANURAG PRADHAN is a contributor at Prabhat Khabar.

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