सीबीएसइ : अब रट कर नहीं, बच्चों के समझ कर पढ़ने पर रहेगा स्कूलों का जोर
Updated at : 28 Oct 2025 6:44 PM (IST)
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सीबीएसइ की ओर से स्कूली बच्चों में पाठ्यक्रम को समझ कर पढ़ने के लिए पढ़ाई के पैटर्न में बदलाव किया गया है
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संवाददाता, पटना
सीबीएसइ की ओर से स्कूली बच्चों में पाठ्यक्रम को समझ कर पढ़ने के लिए पढ़ाई के पैटर्न में बदलाव किया गया है. अब स्कूलों में कक्षा छह से 10वीं के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में दिये गये टॉपिक को रट कर पढ़ने के बजाय समझ कर पढ़ने को लेकर पैटर्न में बदलाव किया गया है. नयी शिक्षा नीति के तहत बच्चों के समझकर पढ़ने-पढ़ाने के लिए बोर्ड नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने की तैयारी में जुट गया है. इस प्लेटफॉर्म की मदद से यह समझा जा सकेगा कि विद्यार्थी पढ़ाये गये विषयों को कितना समझ पाये हैं और उसका इस्तेमाल वे रोजमर्रा की जिंदगी में कैसे करते हैं. सीबीएसइ के सिटी को-ऑर्डिनेटर एसी झा ने बताया कि इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों में 21वीं सदी के नये स्किल्स और चुनौतियों के लिए तैयार करना है. इसके साथ ही परीक्षा के डर को बच्चों से निकालने के लिए परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया जायेगा. एसी झा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत परीक्षा का पैटर्न ऐसा होना चाहिए, जो बच्चों को आगे बढ़ने में मदद करे. बोर्ड ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है. अब कक्षा छह से 10वीं के विद्यार्थियों के लिए योग्यता आधारित परीक्षा प्रणाली लागू की है. इसमें बच्चों की समझ पर खास ध्यान दिया जायेगा. इस नये पैटर्न में विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों पर खास फोकस होगा, ताकि बच्चों के मन से इन विषयों का डर निकाला जा सके.सफल सिस्टम के तहत ली जायेगी बच्चों की परीक्षा
सीबीएसइ की नयी योजना के तहत अब परीक्षा को पढ़ाई का ही हिस्सा समझाया जायेगा. बच्चों में परीक्षा का डर निकालने के लिए एसएएफएल (सफल) नाम का नया सिस्टम शुरू किया गया है. सफल सिस्टम का मतलब है सीखने की समझ को परखने वाला टेस्ट. इस टेस्ट में कक्षा तीन, पांचवी, और आठवीं के बच्चों की समझ और सोचने की क्षमता को परखा जायेगा. इसका उद्देश्य बच्चों ने जो पढ़ा है, उसे कितना समझा है, इसे परखना है. इसके साथ ही यह समझना है कि बच्चों की पढ़ाई में कहां पर सुधार की जरूरत है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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