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बिहार में शराबबंदी की अजीब लीला, तस्करी मामले में 9 माह पहले गिरफ्तार किए गए दो बैल हुए रिहा

Updated at : 10 Nov 2022 5:14 PM (IST)
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बिहार में शराबबंदी की अजीब लीला, तस्करी मामले में 9 माह पहले गिरफ्तार किए गए दो बैल हुए रिहा

गोपालगंज में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक बैलगाड़ी में छुपा कर रखी 960 बोतल शराब जब्त की थी. इस छापेमारी में पुलिस ने दो बैलों को भी जब्त किया था. जब्त किए गए बैल हीरा और मोटी को पुलिस ने नौ महीने बाद रिहा कर दिया है.

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बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब माफिया तस्करी के नए नए तरीके ईजाद कर राज्य में शराब लाते हैं. इन तस्करी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई भी की जाती है. लेकिन शराबबंदी के कारण पुलिस और माफियों के बीच चलने वाली इस धड़-पकड़ में इंसान तो जेल की चक्की पिसते ही है, अब जानवर भी चक्की पिसने को मजबूर हैं. ताजा मामला राज्य के गोपालगंज जिले का है जहां शराबबंदी मामले में 9 महीने की सजा काटने के बाद दो बैल हीरा और मोती आजाद हो सकें हैं.

नीलामी में किसी ने बैलों को नहीं खरीदा 

दरअसल गोपालगंज के यादोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर टेंगराही गांव के पास शराब तस्करी के मामले में पुलिस ने शराब तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ ही बैलगाड़ी के साथ दो बैलों हीरा और मोती को भी जब्त कर लिया था. इन जब्त बैलों की पुलिस ने नीलामी करने की भी कोशिश की परंतु किसी ने इन्हें नहीं खरीदा था. बैलों की नीलामी के लिए 60 हजार रुपये रखी गई थी. लिहाजा 9 महीने से बैलों का मालिक बिना बैल का उपयोग किए उसकी देखभाल कर रहे थे. अब 9 महीने बाद बैलों को उसके मालिक को ही आधे दम में बेचना पड़ा.

शराब के साथ बैलों को किया गया था जब्त 

दरअसल इस वर्ष 25 जनवरी को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बैलगाड़ी में छुपा कर रखी 960 बोतल शराब जब्त की थी. इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को आरोपी बताया था जिसमें दोनों बैलों के मालिक भी शामिल थे. पुलिस ने सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल तो भेजा ही था. साथ ही एंटी लिकर टास्‍क फोर्स ने दोनों बैलों के साथ बैलगाड़ी को भी शराब तस्‍करी के मामले में जब्‍त कर लिया था.

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पुलिस ने जब्त बैलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत नीलाम करने की बजाय उसकी जिम्मेदारी शराब तस्करी में अभियुक्त उसके मालिक को ही सौंप दी. मामले में विभाग के अधिकारी ने बताया की विभागीय निर्देश है कि जो राशि है उसकी वैल्यू का पचास फीसदी राशि जमा करने पर उसको रिलीज कर देते हैं. उसी के आलोक में आवेदन आया था. उसके बाद जुर्माना लेकर दोनों बैलों को रिलीज कर दिया गया है

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