Peddi Review: इमोशन, प्रेरणा और आत्मसम्मान की दमदार कहानी, हर फ्रेम में दिखती है सिनेमाई भव्यता
Published by : Ashish Lata Updated At : 04 Jun 2026 11:00 AM
पेड्डी राम चरण फोटो- इंस्टाग्राम
Peddi Review: राम चरण की पेड्डी इमोशनल, इंस्पायरिंग, थ्रिलिंग और पूरी तरह से सिनेमा के मजे से भरपूर है. फिल्म के कई सीन्स सीधे दिल को छू लेते हैं और आपको भावुक कर देते हैं.
फिल्म- पेड्डी
निर्देशक- बुची बाबू सना
कलाकार- राम चरण, शिवा राजकुमार, जान्हवी कपूर, जगपति बाबू, दिव्येंदु और बोमन ईरानी
प्लेटफार्म- सिनेमाघर
रेटिंग- 4
Peddi Review: बहुत कम फिल्में ऐसी होती हैं, जो दर्शकों की आंखों में आंसू भी ला दें और उनसे थिएटर्स में सीटियां भी बजवा लें. ‘पेड्डी’ उन्हीं चुनिंदा और विरली फिल्मों में से एक है. डायरेक्टर बुची बाबू सना की यह लेटेस्ट फिल्म इमोशनल स्टोरीटेलिंग, स्पोर्ट्स ड्रामा, सोशल मैसेज और ब्लॉकबस्टर एंटरटेनमेंट को एक ऐसे शानदार सिनेमैटिक एक्सपीरियंस में पिरोती है, जिसकी रफ्तार कहीं भी धीमी नहीं पड़ती. इतने बड़े स्केल की कहानी को संभालने में डायरेक्टर ने कमाल का कॉन्फिडेंस दिखाया है.
कैसी है राम चरण की पेड्डी मूवी
इस पूरी फिल्म की कमान राम चरण के हाथों में है, जिन्होंने ऐसा अभिनय किया है जिसकी हर तरफ जमकर तारीफ होनी चाहिए. पेड्डी के किरदार में उन्होंने एक आम इंसान की संवेदनशीलता को भी दिखाया है और एक लार्जर-दैन-लाइफ हीरो की दमदार मौजूदगी को भी. उनका यह परफॉर्मेंस पूरी फिल्म की असली रीढ़ की हड्डी है.
पेड्डी की क्या है सबसे बड़ी ताकत
‘पेड्डी’ की सबसे बड़ी ताकत इसकी भावनात्मक सच्चाई है. फिल्म आत्मसम्मान, संघर्ष और अपने समाज से जुड़े मूल मुद्दों को पूरी ईमानदारी से सामने रखती है. यही कारण है कि इसके सबसे भव्य और रोमांचक सीन्स भी जबरन गढ़े हुए नहीं लगते, बल्कि कहानी और किरदारों की यात्रा का स्वाभाविक और पूरी तरह अर्जित परिणाम महसूस होते हैं.
इमोशनल एंगल लेकर आती है पेड्डी
फिल्म के स्पोर्ट्स-ड्रामा वाले हिस्से पिछले कुछ समय में आए सबसे बेहतरीन सीन्स में से एक हैं. वैसे तो इस जॉनर में ‘दंगल’ और ‘सुल्तान’ जैसी कई यादगार फिल्में बनी हैं, लेकिन ‘पेड्डी’ एक नया इमोशनल एंगल लेकर आती है, जो इसे बाकी सब से बिल्कुल अलग खड़ा करता है. यहां खेल के मैदान की जीत सिर्फ एक कॉम्पिटिशन नहीं, बल्कि उससे कहीं बड़ी लड़ाई का प्रतीक बन जाती है.
सीन्स थिएटर्स में जश्न मनाने के लिए किए गए डिजाइन
विजुअली यह फिल्म बेहद ग्रैंड और शानदार है. हर एक फ्रेम में वो स्केल नजर आता है जो एक बड़ी इवेंट फिल्म से उम्मीद की जाती है, लेकिन इसके बावजूद कहानी का इमोशनल कनेक्शन शुरू से अंत तक बना रहता है. थिएटर्स में दर्शकों का रिस्पॉन्स ऐसा होगा जो आंसुओं और तालियों के बीच बंटा नजर आएगा. फिल्म के कई सीन्स सीधे दिल को छू लेते हैं और आपको भावुक कर देते हैं, तो वहीं कई सीन्स थिएटर्स में जश्न मनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इनमें से कुछ भी जबरदस्ती ठूंसा हुआ नहीं लगता.
कमर्शियल एंटरटेनर लगती है फिल्म
आज के फिल्म बिजनेस में जहां फिल्में अक्सर कंटेंट-ड्रिवन (गहरी कहानी वाली) और कमर्शियल एंटरटेनर (मसाला फिल्मों) के बीच बंटी नजर आती हैं, वहीं ‘पेड्डी’ पूरे आत्मविश्वास के साथ इन दोनों के बीच के फासले को मिटा देती है. यह फिल्म इंस्पायरिंग है, इमोशनल है, थ्रिलिंग है और पूरी तरह से सिनेमा के मजे से भरपूर है, एक ऐसी फिल्म जो गर्व से यह दिखाती है कि जब बेहतरीन कहानी और भव्यता एक साथ मिल जाएं, तो भारतीय सिनेमा क्या कमाल कर सकता है.
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By Ashish Lata
आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.
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