Bihar Teacher Transfer: बिहार में शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी पर आया सबसे बड़ा अपडेट, शिक्षा मंत्री ने बताया किन्हें मिलेगी वरीयता
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 01 Oct 2024 6:50 PM
bihar teacher
Bihar Teacher Transfer: बिहार में शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी पर बड़ा अपडेट आया है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस मसले पर लगातार मंथन जारी है.
Bihar Teacher Transfer: बिहार के शिक्षकों के लिए खुशखबरी है. बीते कई महीनों ने राज्य में शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने की मांग कर रहे हैं. बीते लगभग 90 दिनों से शिक्षक स्थानान्तरण पॉलिसी का इंतजार कर रहे हैं. अब इस मामले में बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने अपडेट दिया है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों के ट्रांसफर और पोस्टिंग की नीति को बहुत जल्द हमलोग मंजूरी दे देंगे. बता दें कि ट्रांसफर पोस्टिंग का मामला विभागीय स्तर पर होता है. इस नीति के लागू होते ही उन शिक्षकों को फायदा होगा, जो पति-पत्नी शिक्षक हैं या कोई टीचर किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है.
दिव्यांग शिक्षकों को भी मिलेगा फायदा
बताया जा रहा है कि ट्रांसफर पोस्टिंग नीति में दिव्यांग शिक्षकों, किसी खतरनाक रोग से पीड़ित शिक्षक, महिला शिक्षक और शिक्षक दंपत्ति से जुड़े आवेदन को विशेष वरीयता दी जाएगी. बता दें कि बिहार के वर्तमान में कई स्कूलों में पति-पत्नी शिक्षक हैं जो एक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन ऐसे हजारों मामले हैं जिसमें पति-पत्नी अलग-अलग पोस्टेड हैं. इसके अलावा दिव्यांग और गंभीर बीमारी से जूझ रहे स्कूल शिक्षक इस ट्रांसफर पॉलिसी का इंतजार कर रहे हा. ऐसे में अब जब कहा जा रहा है कि जल्द इसे लागू कर दिया जाएगा. शिक्षा मंत्री के बयान से शिक्षकों में एक आस जगी है.
2025 में एनडीए की वापसी
शिक्षा मंत्री ने मीडिया के सवाल पर कहा कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की एक बार फिर से वापसी होगी. सीएम नीतीश कुमार के कार्यकाल में विगत 19 वर्षों में बिहार में विकास का नया मानक स्थापित हुआ है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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