बिहार में टीचरों के ट्रांसफर का नया नियम लागू, जानिए किसका होगा सबसे पहले तबादला और किसे मिलेगी नई पोस्टिंग

Updated:
विज्ञापन

AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर

Bihar Teacher Transfer: बिहार सरकार ने शिक्षकों के तबादले के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू कर दी है. अब ट्रांसफर पूरी तरह ऑनलाइन और नंबर सिस्टम के आधार पर होगा. गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और पति-पत्नी जैसे मामलों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि सामान्य ट्रांसफर 5 साल की सेवा पूरी होने के बाद ही होगा.

विज्ञापन

Bihar Teacher Transfer: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के तबादले की नई नियमावली लागू कर दी है. अब शिक्षकों का स्थानांतरण पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और तय नियमों के अनुसार होगा. शिक्षा विभाग ने ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026’ की अधिसूचना जारी कर दी है. नई व्यवस्था प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों के नियमित शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर लागू होगी.

5 साल की सेवा के बाद होगा सामान्य ट्रांसफर

नई नियमावली के मुताबिक सामान्य परिस्थितियों में किसी शिक्षक का तबादला पांच साल की सेवा पूरी होने के बाद ही किया जाएगा. इच्छुक शिक्षक हर साल मार्च में ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और जून तक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. हालांकि, सिर्फ आवेदन करने से ट्रांसफर नहीं होगा. विभाग रिक्त पद, शिक्षक-छात्र अनुपात, विषयवार जरूरत और छात्रों के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखकर फैसला करेगा.

अब नंबर सिस्टम से तय होगी वरीयता

यदि एक ही स्कूल के लिए कई शिक्षक आवेदन करते हैं तो चयन अंक आधारित प्रणाली से होगा. सेवा अवधि, कठिन क्षेत्र में काम करने का अनुभव और विशेष परिस्थितियों के आधार पर अंक दिए जाएंगे.

गंभीर बीमारी, कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट, दिव्यांगता, पति-पत्नी एक ही जगह पदस्थापन, राष्ट्रीय और राज्य शिक्षक पुरस्कार जैसी श्रेणियों के लिए अतिरिक्त अंक भी निर्धारित किए गए हैं. चिकित्सा और दिव्यांगता के मामलों में प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य होगा.

ट्रांसफर में यह रहेगा प्राथमिकता का क्रम

शिक्षा विभाग ने स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए सात स्तर की प्राथमिकता तय की है.

  • असाध्य रोग और गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षक
  • दिव्यांग शिक्षक
  • पति-पत्नी के आधार पर स्थानांतरण
  • विधवा, कानूनी रूप से पृथक महिला और एकल अभिभावक शिक्षक
  • पारस्परिक (म्युचुअल) ट्रांसफर
  • समायोजन और समानुपातीकरण
  • सामान्य स्थानांतरण

महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था

नई नियमावली में महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं. महिला शिक्षकों को उनके अनुरोध पर गृह प्रखंड में पदस्थापन पर विचार किया जाएगा. वहीं पुरुष शिक्षकों को गृह जिले में पोस्टिंग देने की व्यवस्था होगी.

हालांकि किसी भी शिक्षक को उसके गृह पंचायत या गृह वार्ड में पदस्थापित नहीं किया जाएगा. महिला शिक्षकों को पड़ोसी पंचायत और पुरुष शिक्षकों को पड़ोसी प्रखंड में पोस्टिंग मिल सकती है. गंभीर बीमारी और अधिक दिव्यांगता के मामलों में इस नियम में छूट दी जा सकेगी.

इन परिस्थितियों में प्रशासन भी कर सकेगा तबादला

सिर्फ स्वैच्छिक आवेदन ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक आधार पर भी शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा सकेगा. यदि किसी विद्यालय में शिक्षक-छात्र अनुपात बिगड़ जाता है, वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है, अनुशासनहीनता होती है, लगातार अनुपस्थिति रहती है या महिला शिक्षकों और छात्राओं से दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है, तो विभाग प्रशासनिक आधार पर ट्रांसफर कर सकेगा.

ऐसे मामलों में संबंधित शिक्षक को सामान्य तौर पर सात कार्य दिवस के भीतर अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

तीन स्तर पर बनेगी ट्रांसफर कमेटी

स्थानांतरण प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर स्थापना समितियां बनाई जाएंगी. जिला स्तर की छह सदस्यीय समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे, जबकि जिला शिक्षा पदाधिकारी सदस्य सचिव रहेंगे. अंतर-जिला और विशेष मामलों का फैसला प्रमंडलीय समिति करेगी, जिसकी अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त करेंगे.

वहीं राज्य स्तर पर प्रारंभिक विद्यालयों के लिए प्राथमिक शिक्षा निदेशक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति गठित होगी.

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

शिक्षकों का आवेदन, विद्यालय का चयन, समिति की अनुशंसा, स्थानांतरण आदेश और अपील तक की पूरी प्रक्रिया विभागीय पोर्टल के माध्यम से होगी. केवल मनचाहा विद्यालय नहीं मिलने को अपील का आधार नहीं माना जाएगा.

नई नियमावली का उद्देश्य तबादला प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और जरूरत के अनुसार बनाना है, ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर हो और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो.

Also Read: बिहार में 90 CO का एक साथ तबादला, बिना ट्रांजिट लीव तुरंत ज्वाइन करने का आदेश, यहां देखें पूरी लिस्ट

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन