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Bihar Road Project: बिहार के इन 5 स्टेट हाइवे के लिये सरकार लेगी लोन, 6 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

Updated at : 02 Jan 2026 1:44 PM (IST)
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Bihar Road Project government take loan 5 state highways

बिहार के 5 स्टेट हाइवे को किया जायेगा चौड़ा (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar Road Project: बिहार में रोड कनेक्टिविटी को मजबूत करने को लेकर सरकार कई काम कर रही है. ऐसे में बिहार के 5 स्टेट हाइवे को चौड़ा किया जायेगा. इसके लिये सरकार एडीबी से लोन लेगी. सड़कों के चौड़ा होने से 6 जिलों को बड़ा फायदा हो सकेगा.

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Bihar Road Project: बिहार में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है. कई जिलों में सड़कों का निर्माण कर कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है. ऐसे में बिहार के 5 स्टेट हाइवे को चौड़ा किया जायेगा. दरअसल, ये स्टेट हाइवे दो लेन चौड़ी होगी. इसके बनने से राज्य के 6 जिलों को बड़ा फायदा पहुंच सकेगा. साथ ही चौड़ीकरण को लेकर सरकार एडीबी से लोन भी लेगी.

स्टेट हाइवे के निर्माण में लागत

जानकारी के मुताबिक, सड़क निर्माण को लेकर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और डीईए (डिपार्टमेंट ऑफ इकोनोमिक एफेयर) की मंजूरी बाकी है. इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब 3645 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है. ऐसे में एडीबी से राज्य सरकार लगभग 251 मिलियन डॉलर लोन ले सकती है. बीएसआरडीसी, जो कि पथ निर्माण विभाग की एजेंसी है यही सड़क बनायेगी.

इन 5 स्टेट हाइवे को किया जायेगा चौड़ा

बिहार के 5 स्टेट हाइवे को दो लेन चौड़ा करने के लिये लगभग 110 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा. 5 स्टेट हाइवे में सीतामढ़ी-पुपरी-बसैठा-बेनीपट्टी (51.26 किलोमीटर), मधुबनी-राजनगर-बाबूबरही-खुटौना रोड (38.61 किलोमीटर), ब्रह्मपुर-इटाढ़ी-सरेंजा-जालीपुर रोड (80.72 किलोमीटर), अतरबेल-जाले-घोघराचट्टी रोड (47.90 किलोमीटर) और गणपतगंज-प्रतापगंज-परवाहा रोड (47.33 किलोमीटर) शामिल है.

इन 6 जिलों को मिलेगा फायदा

स्टेट हाइवे का चौड़ीकरण होने के बाद 6 जिलों दरभंगा, सुपौल, बक्सर, अररिया, सीतामढ़ी और मधुबनी को सीधा फायदा पहुंच सकेगा. इन सभी जिलों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत हो सकेगी, सफर तय करने में कम समय लगेगा, चौड़ीकरण होने से आना-जाना आसान हो सकेगा. इसके साथ ही बिहार के किसी भी जिले से पटना पहुंचने में बेहद कम समय लगेगा.

एडीबी से ऐसे मिलता है लोन

एडीबी लोन की बात करें तो, सरकार की तरफ से चौड़ी और मजबूत करने वाली सड़कों की पहचान की जाती है. इसके बाद एक डीपीआर तैयार किया जाता है. फिर केंद्र सरकार की डिपार्टमेंट ऑफ इकॉनोमिक एफेयर की तरफ से इसे अप्रूव किया जाता है. केन्द्र सरकार के अधिकारी एडीबी के साथ लोन की शर्तों, टेक्निकल एस्पेक्ट और कार्यान्वयन योजना पर बातचीत करते हैं. इसके बाद लोन के लिये अंतिम समझौते पर बात बनती है. इसके बाद सरकार को पैसे किस्त में दिये जाते हैं.

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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