हरिवंश या रामनाथ, किसे मिलेगा दोबारा मौका, बिहार की 5 राज्यसभा सीटों का पूरा गणित समझिये
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 25 Feb 2026 5:07 PM
रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह
Rajya Sabha Election: बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए सियासी हलचल तेज है. जेडीयू अपने कोटे की 2 सीटों में से रामनाथ ठाकुर को तीसरी बार मौका दे सकती है. हरिवंश का पत्ता कटने की चर्चा है. मनीष वर्मा नए चेहरे हो सकते हैं. विपक्ष को सीट जीतने के लिए ओवैसी की मदद चाहिए.
Rajya Sabha Election: बिहार में अप्रैल में राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के अंदर इसे लेकर भारी मंथन चल रहा है. जेडीयू के पास फिलहाल 2 सीटें जीतने का नंबर है. अभी इन सीटों पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर काबिज हैं. इस बिच चर्चा है कि नीतीश कुमार इस बार किसी एक को ही दोबारा मौका देंगे.
रामनाथ ठाकुर का पलड़ा क्यों भारी
नीतीश कुमार की राजनीति हमेशा अति पिछड़ा वोट बैंक के इर्द-गिर्द रही है. रामनाथ ठाकुर न सिर्फ भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं, बल्कि वे समाजवाद का बड़ा चेहरा भी हैं. जेडीयू में आम तौर पर किसी को तीसरी बार राज्यसभा नहीं भेजा जाता. आरसीपी सिंह और वशिष्ठ नारायण सिंह को भी पार्टी ने तीसरी बार राज्यसभा में नहीं भेजा. लेकिन रामनाथ ठाकुर के मामले में नीतीश इस नियम को बदल सकते हैं.
हरिवंश सिंह के लिए मुश्किलें क्यों
हरिवंश सिंह पिछले 7 सालों से राज्यसभा के उपसभापति हैं. लेकिन उनके और नीतीश के रिश्तों में तब कड़वाहट की खबर तब आई थी जब 2022 में नीतीश ने एनडीए छोड़ा था. हरिवंश ने उस समय उपसभापति का पद नहीं छोड़ा. जेडीयू के कई नेता उन्हें पार्टी से ज्यादा भाजपा का वफादार मानते हैं. ऐसे में उनकी तीसरी पारी पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं.
नीतीश के नए भरोसेमंद कौन
जेडीयू की दूसरी सीट के लिए मनीष वर्मा का नाम सबसे ऊपर है. पूर्व आईएएस अधिकारी मनीष वर्मा उसी कुर्मी समाज से आते हैं. वे फिलहाल पार्टी का जमीनी काम देख रहे हैं और उन्हें नीतीश का उत्तराधिकारी तक माना जा रहा है. चर्चा यह भी है कि संजय झा को उपसभापति बनाया जा सकता है और मनीष वर्मा को संसद भेजा जा सकता है.
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क्या है बिहार का चुनावी गणित
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट चाहिए. एनडीए में भाजपा, जेडीयू और सहयोगियों के पास कुल 202 विधायक हैं. इस हिसाब से वे आसानी से 4 सीटें जीत सकते हैं. पांचवीं सीट के लिए उन्हें सिर्फ 3 और वोटों की जरूरत होगी, जो विपक्षी खेमे में सेंधमारी से मिल सकते हैं.
महागतबंधन में राजद और कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं. उन्हें एक भी सीट जीतने के लिए कम से कम 6 और वोट चाहिए. यहां असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 विधायक किंगमेकर की भूमिका में है. ओवैसी ने अपना उम्मीदवार उतारने का संकेत देकर लालू-तेजस्वी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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