अब यूपी से बिहार शराब लाने वालों की नहीं चलेगी चालाकी, बॉर्डर से 10 KM के भीतर बढ़ेगी सख्त निगरानी
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 28 Jun 2025 9:36 AM
सांकेतिक तस्वीर
Bihar News: बिहार और उत्तर प्रदेश ने शराब तस्करी पर नकेल कसने के लिए संयुक्त कार्रवाई का फैसला लिया है. सीमावर्ती जिलों में चेक पोस्ट बनाकर, तकनीकी निगरानी बढ़ाकर और संयुक्त छापेमारी कर तस्करी रोकने की रणनीति तैयार की गई है.
Bihar News: बिहार और उत्तर प्रदेश सरकार अब शराब तस्करी पर नकेल कसने के लिए साझा रणनीति के तहत सख्त कदम उठाने जा रही हैं. दोनों राज्यों के मद्य निषेध अधिकारियों ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अहम बैठक की, जिसमें सीमावर्ती जिलों में शराब की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए कई ठोस निर्णय लिये गए.
बैठक में बिहार के एडीजी, मद्य निषेध डॉ. अमित कुमार जैन, सचिव अजय यादव, आयुक्त सह महानिरीक्षक रजनीश कुमार सिंह और उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह सहित दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के अधिकारी शामिल हुए. चर्चा का मुख्य बिंदु था कि चुनावी वर्ष में बिहार की पूर्ण मद्य निषेध नीति को और प्रभावी कैसे बनाया जाए.
सीमावर्ती जिलों में बनाए जाएंगे चेक पोस्ट
बैठक में तय किया गया कि सीमावर्ती जिलों में संयुक्त चेक पोस्ट बनाए जाएंगे, जहां सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, हैंड हेल्ड स्कैनर और स्निफर डॉग जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर निगरानी को और पुख्ता किया जाएगा. रेलवे, सड़क और नदी मार्गों से होने वाली शराब तस्करी पर विशेष निगरानी रखी जाएगी.
दोनों राज्यों के बीच है 1060 किलोमीटर लंबी सीमा
दोनों राज्यों के बीच साझा 1060 किलोमीटर लंबी सीमा को देखते हुए यह कदम बेहद अहम है. बिहार के आठ जिले- रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, सारण, सीवान, गोपालगंज और पश्चिम चंपारण और यूपी के सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, बलिया, गाजीपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज जैसे जिले तस्करी के प्रमुख मार्ग माने जाते हैं.
आवाजाही पर रखी जाएगी पैनी नजर
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शराब की दुकानों की 10 किलोमीटर की परिधि में खपत और आवाजाही पर पैनी नजर रखी जाएगी. साथ ही, शराब के अड्डों पर संयुक्त छापेमारी की जाएगी और तस्करी से जुड़ी सूचना का तुरंत आदान-प्रदान किया जाएगा.
जनवरी से मई 2025 के बीच बिहार में शराब के 64 तस्करी मामलों में एफआईआर दर्ज की गई, जिनमें से 25% में उत्तर प्रदेश निर्मित विदेशी शराब पाई गई. ऐसे में यूपी की संबंधित निर्माता कंपनियों के खिलाफ जांच और कड़ी कार्रवाई की सिफारिश भी की गई है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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