Bihar News: दरभंगा राजघराने की महारानी का निधन, 96 साल की उम्र में कामसुंदरी देवी ने ली आखिरी सांस, पूरे बिहार में शोक

Published by : Preeti Dayal Updated At : 12 Jan 2026 12:03 PM

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महारानी कामसुंदरी देवी का निधन

Bihar News: दरभंगा राज परिवार की महारानी कामसुंदरी देवी का आज निधन हो गया. 96 साल की उम्र में कामसुंदरी देवी ने अंतिम सांस ली. महारानी कामसुंदरी देवी के निधन से दरभंगा समेत पूरे बिहार में शोक की लहर है. वे दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं.

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Bihar News: दरभंगा राजघराने की महारानी कामसुंदरी देवी का आज सोमवार को निधन हो गया. जिसके बाद दरभंगा समेत पूरे बिहार में शोक की लहर दौड़ गई है. महारानी कामसुंदरी देवी ने 96 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. नवंबर 2025 में तबीयत बिगड़ने के बाद से वह अस्वस्थ चल रही थीं. महारानी कामसुंदरी देवी के बड़े पोते रत्नेश्वर सिंह मुखाग्नि देंगे. इसके साथ ही छोटे पोते कपिलेश्वर सिंह के आने का इंतजार किया जा रहा है. वे दिल्ली से दरभंगा के लिए रवाना हो गए हैं.

महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं कामसुंदरी देवी

महारानी कामसुंदरी देवी महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं. महाराजा कामेश्वर सिंह की पहली पत्नी महारानी राजलक्ष्मी और दूसरी पत्नी महारानी कामेश्वरी प्रिया थीं, जिनका पहले ही निधन हो चुका है. 1930 के दशक में महारानी कामसुंदरी देवी का जन्म हुआ था. महाराजा कामेश्वर सिंह से उनकी शादी 1940 के दशक में हुई थी.

महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना

महाराजा कामेश्वर सिंह की याद में महारानी कामसुंदरी देवी ने महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की थी. यह मिथिला की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को संरक्षित करती है. जानकारी के मुताबिक, फाउंडेशन के जरिए महाराजा कामेश्वर की प्राइवेट लाइब्रेरी में हजारों किताबें और पांडुलिपियां लोगों के लिए उपलब्ध कराई गई है.

संस्कृति, शिक्षा और कला को बढ़ावा

दरअसल, महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा राज की आखिरी जीवित सदस्य थीं. महाराजा के निधन के बाद उन्होंने कई संपत्ति और ट्रस्ट से जुड़े कानूनी विवादों को संभाला है. इतना ही नहीं, फाउंडेशन के जरिए उन्होंने संस्कृति, शिक्षा के साथ-साथ कला को भी बढ़ावा दिया. आज महारानी कामसुंदरी देवी के निधन की खबर मिलते ही कई लोग कल्याणी निवास पहुंचे. पारंपरिक रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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