ePaper

Bihar News: लगातार बढ़ रहे बाल अपराध के मामले, चौंकाने वाला है पांच वर्षों का आंकड़ा

Updated at : 11 Jul 2025 3:03 PM (IST)
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो

Bihar News: लगातार बढ़ रहे बाल अपराध के मामले, चौंकाने वाला है पांच वर्षों का आंकड़ा

Bihar News: राज्य में हर वर्ष बाल अपराधियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है. इसकी गवाही पुलिस मुख्यालय के आंकड़े दे रहे हैं. आंकड़े के अनुसार राज्य में पिछले 5 सालों में बाल अपराधियों की संख्या ढ़ाई से तीन गुना तक बढ़ गई है.

विज्ञापन

Bihar News: राज्य में हर वर्ष बाल अपराधियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है. इसकी गवाही पुलिस मुख्यालय के आंकड़े दे रहे हैं. आंकड़े के अनुसार राज्य में पिछले 5 सालों में बाल अपराधियों की संख्या ढ़ाई से तीन गुना तक बढ़ गई है. अपराध अनुसंधान विभाग के कमजोर वर्ग के अपर पुलिस महा निदेशक अमित कुमार जैन के अनुसार साल 2020 में 7631 बालक और किशोरों के विरुद्ध 6543 केस दर्ज हुए हैं.

लगातार बढ़े आंकड़ें

यह आंकड़ा 2021 में बढ़कर 12 हजार, 2022 में 19 हजार 75, 2023 में 20 हजार 235 और 2024 में बढ़कर 21 हजार से भी ज्यादा हो गया. बताया गया है कि इस साल जून तक 10 हजार 908 बालक-किशोरों के खिलाफ 9 हजार 126 मामले दर्ज हुए हैं. साल 2020 से जून 2025 तक के कुल आंकड़े देखें तो 77 हजार 384 आपराधिक मामलों में 90 हजार 935 बालक-किशोर शामिल रहे हैं. जिसमें 4,241 लड़कियां और 82 हजार 694 लड़के शामिल हैं.

विभिन्न अपराध में शामिल हो रहे किशोर

एडीजी जैन ने कहा कि अपराध की दुनिया में बालकों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है. पेशेवर संगठित अपराधी भी अपराध के लिए नाबालिगों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हैं. बालकों के विरुद्ध दर्ज मामलों में सर्वाधिक मामले चोरी, डकैती, वाहन चोरी, दुष्कर्म, नशीले पदार्थ की तस्करी या सेवन, साइबर अपराध और समूह हिंसा से जुड़े हुए हैं.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन

पुलिस के अनुसार बाल और किशोर अपराधियों के मामलों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन किया गया है. इसका नेतृत्व डीएसपी मुख्यालय कर रहा है. साथ ही प्रत्येक थाना स्तर पर बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी की नियुक्ति हुई है. वहीं पुलिस अधिकारियों को भी बाल अपराध को लेकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

इसे भी पढ़े: भागलपुर के कलाकारों को मिलेगा बेहतर मंच, 30 करोड़ की लागत से बनेगा अटल कला भवन

विज्ञापन
Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन