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Bihar News: सरकारी अस्पतालों में दवा बांटने में बिहार बना चैंपियन, लगातार 11वीं बार टॉप पर

Updated at : 15 Sep 2025 11:26 AM (IST)
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Bihar is number one in distributing free medicines in government hospitals

Bihar is number one in distributing free medicines in government hospitals

Bihar News: जहां एक ओर लोग अक्सर सरकारी अस्पतालों की सेवाओं पर सवाल उठाते हैं, वहीं बिहार ने इस क्षेत्र में एक ऐसी मिसाल कायम की है, जिसे देखकर बाकी राज्य पीछे छूट गए हैं.

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Bihar News: बिहार ने सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा उपलब्ध कराने के मामले में देश के बाकी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. लगातार 11वें महीने भी बिहार पहले पायदान पर बना हुआ है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रैंकिंग में यह उपलब्धि दर्ज हुई है.

मरीजों के लिए यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि राहत की बड़ी वजह है, क्योंकि अब इलाज के दौरान दवाओं का बोझ उनके कंधों से उतर गया है.

बिहार का लगातार पहला स्थान

बिहार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने में लगातार 11वें महीने भी पहला स्थान हासिल किया है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के डीवीडीएमएस केंद्रीय डैशबोर्ड की ओर से जारी मासिक रैंकिंग में यह उपलब्धि दर्ज हुई है. राज्य ने राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों को पछाड़कर शीर्ष स्थान बनाए रखा है.

पिछले साल अक्टूबर में पहली बार बिहार ने राजस्थान को पीछे छोड़ते हुए 79.34 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया था. तब से यह सिलसिला लगातार जारी है. इस महीने बिहार को 82.13 अंक मिले हैं, जबकि राजस्थान 77.89 अंकों के साथ दूसरे और पंजाब 73.28 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है.

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की कोशिश

राज्य स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली है. पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं. खासकर दवाओं की उपलब्धता पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है.

आज की तारीख में राज्य के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में 611 प्रकार की दवाएं मुफ्त दी जा रही हैं. इनमें गंभीर बीमारियों से जुड़ी दवाएं भी शामिल हैं, तो सामान्य बीमारियों की दवाएं भी. मरीजों के लिए यह राहत की बड़ी वजह बनी है, क्योंकि पहले उन्हें बाजार से महंगे दाम पर दवाएं खरीदनी पड़ती थीं.

केंद्रीय डैशबोर्ड से जारी होती है रैंकिंग

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय हर महीने राज्यों की रैंकिंग तय करता है. यह रैंकिंग अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और मुफ्त दवाओं के आधार पर होती है. बिहार के बेहतर प्रदर्शन ने इसे लगातार शीर्ष पर बनाए रखा है.

फ्री दवा योजना का सीधा असर मरीजों पर दिख रहा है. ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले लोग अब न केवल जांच और उपचार की सुविधा पा रहे हैं, बल्कि महंगी दवाओं का बोझ भी उनके कंधों से उतरा है. कई मरीजों का कहना है कि पहले इलाज के खर्च के कारण वे सरकारी अस्पताल से भी बचते थे, लेकिन अब दवा मिलने से बड़ी राहत मिल रही है.

नई तस्वीर की ओर बढ़ता बिहार

बिहार की यह उपलब्धि राज्य की बदलती तस्वीर का संकेत है. सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा योजना का सफल होना इस बात का प्रमाण है कि अगर नीतियां सही दिशा में लागू हों.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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